ईद उल अजहा पर बिलासपुर में नमाज अदा करते बच्चे।
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बिलासपुर। जिले में ईद-उल-अजहा का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा कर सुख-चैन और भाईचारे की दुआएं मांगीं। कोरोना काल के करीब 15 माह बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिद में जाकर ईद की नमाज अदा की। इस दौरान कोविड नियमों का पालन किया गया।
मुस्लिम वेलफेयर कमेटी के प्रधान नसीम मुहम्मद ने बताया कि जिले में बकरीद का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। सुंगल, तरेड़, ऋषिकेश, जब्बली, कोठीपुरा आदि इलाकों में पशुपालक ईद उल जुहा के लिए विशेष तौर पर बकरों की परवरिश करते हैं। इनकी अच्छी कीमतों पर खरीदारी भी होती है। नमाज के बाद बकरों की कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो जाता है। जो आगामी तीन दिन तक चलता है। उन्होंने बताया कि लोग अपने घरों पर लजीज व्यंजनों का लुत्फ दावतों में उठाते हैं। बताया कि ईद के मौके पर कोविड नियमों का पूरा पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड के चलते समुदाय के लोगों ने पिछले 15 माह में सभी त्योहारों पर अपने घरों में ही नमाज अदा की। लेकिन इस बाद नियमानुसार मस्जिद में नमाज अदा की।
गुलाम महइउदीन, अबीब खान, शफीफ अहमद, शौकत शेर अली, चतली से परवेज मुहम्मद व अन्यों ने जिले के लोगों को ईद की मुबारकबाद दी। वहीं नवगठित हिमाचली मुस्लिम वेलफेयर महासभा ने भी ईद के मौके पर एकता, भाईचारे, धार्मिक सद्भावना की शुभकामनाएं दी हैं।