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अध्ययन सामग्री बच्चों को घरद्वार पहुंचाना शिक्षकों की जिम्मेदारी : सुदर्शन

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बिलासपुर। ऑनलाइन शिक्षा में सिग्नल प्रॉब्लम इस वक्त दूरदराज क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए बड़ी दिक्कत बनकर उभरी है। ऐसे में शिक्षा विभाग बिलासपुर ने इन दिक्कतों को दूर करने के लिए जिलाभर के शिक्षकों को नए आदेश जारी कर दिए हैं। अगर किसी क्षेत्र के विद्यार्थी को कम सिग्नल की समस्या या फिर वह व्हाट्सएप का उपयोग नहीं करता है तो उसको अध्ययन सामग्री घर तक पहुंचाने के लिए शिक्षकों की जिम्मेदारी रहेगी।
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कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच में प्रदेश सरकार ने स्कूलों को बंद कर दिया है। ऐसे में स्कूल बंद होने की वजह से बच्चों की शिक्षा पर इसका अधिक असर पड़ रहा है। इस दौरान शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन स्टडी शुरू की है। ऑनलाइन शिक्षा में कुछ दिक्कतें सामने आ रही हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए शिक्षा विभाग ने बिलासपुर ने 25 प्रतिशत छूट रहे बच्चों को घरद्वार पर अध्ययन सामग्री उपलब्ध करवाने के आदेश जारी किए हैं।
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर सुदर्शन कुमार ने बताया कि बिलासपुर जिले में 85 प्रतिशत बच्चे ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। लेकिन 25 प्रतिशत बच्चे सिग्नल प्रॉब्लम की वजह से ऑनलाइन अध्ययन नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि संबंधित क्षेत्र के शिक्षक इसका सारा डाटा जुटाएं और इसकी जानकारी शिक्षा विभाग कार्यालय में दें। इसके बाद शिक्षक संबंधित स्टडी मैटीरियल प्रतिदिन बच्चे को घरद्वार जाकर पहुंचाएगा। ताकि बच्चों की शिक्षा पर इसका कोई असर न पड़े।
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