बिलासपुर। प्रदेश में नौवीं से 12वीं कक्षा की अब नियमित कक्षाएं लगेंगी। इसके साथ ही कॉलेजों में भी दो नवंबर से शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। प्रथम, द्वितीय और अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं लगाई जाएंगी। यूजीसी के निर्देशानुसार ही प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया है। वहीं अभिभावकों के सहमति पत्र पर ही विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेजों में प्रवेश देने की शर्त बरकरार रखी गई है।
इसके अलावा विद्यार्थियों के बीच पर्याप्त शारीरिक दूरी बनाए रखने और थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश देने का फैसला लिया गया है। डिग्री कॉलेज बिलासपुर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों की कक्षाओं का समय भी निर्धारित कर दिया गया है। बिलासपुर कॉलेज में सोमवार व मंगलवार को प्रथम वर्ष, बुधवार व वीरवार द्वितीय वर्ष, शुक्रवार व शनिवार तृतीय वर्ष की कक्षाएं लगेंगी। विद्यार्थियों को बिना मास्क कॉलेज में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कॉलेज में सामाजिक दूरी का भी पूरा प्रबंध किया गया है। वहीं बिलासपुर डिग्री कॉलेज के प्राचार्य रामकृष्ण ने बताया कि विद्यार्थियों को एक डेस्क छोड़कर बैठाया जाएगा। कॉलेज परिसर को सैनिटाइज किया जा चुका है। थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही विद्यार्थियों को गेट से अंदर भेजा जाएगा। प्राचार्य ने बताया कि सोमवार को जो भी विद्यार्थी कॉलेज आएंगे, उनको कॉलेज के नियमों के बारे में अवगत करवाया जाएगा। वहीं जिले के सभी स्कूलों में भी इंतजाम पूरे हो चुके हैं। साथ में सोशल डिस्टेंसिंग को बरकरार रखने के लिए अध्यापकों की अलग से ड्यूटी लगाई गई है। बच्चों को पानी की अपनी बोतल और अपना खाना लाने के आदेश दिए गए हैं। रावमापा बंदला के प्रधानाचार्य नीरज पॉलीवाल ने बताया कि स्कूल को हर रोज सैनिटाइज किया जाता है और बच्चों के लिए मास्क भी स्कूल में उपलब्ध करवाए गए हैं। वहीं, रावमापा बरमाणा और रावमापा पंजगाईं के प्रधानाचार्य ने बताया कि थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन का पूरा प्रबंध किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अभिभावकों के सहमति पत्र पर ही विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। अगर अभिभावकों की सहमति नहीं है तो विद्यार्थी घर से ही अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं।