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‘अनसुलझी पहेली है, खुद की खुद ही सहेली है’ से बताई की नारी के अंतर्मन की व्यथा

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राष्ट्रीय महिला साहित्यकार संस्था बिलासपुर इकाई की प्रथम गोष्ठी के बाद मौजूद महिलाएं। - फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। राष्ट्रीय महिला साहित्यकार संस्था बिलासपुर इकाई की प्रथम गोष्ठी प्रधान शीला सिंह की अध्यक्षता में हुई। महासचिव शालिनी शर्मा ने बताया कि संस्था का उद्देश्य महिला साहित्यकारों को मंच प्रदान करना और नए युवक-युवतियों में हिंदी साहित्य के प्रति रुझान पैदा करना है। शालिनी ने कहा कि युवाओं का अपनी संस्कृति को समझना और उससे जुड़ना आवश्यक है।
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इकाई प्रधान शीला सिंह ने नारी शक्ति पर नारी तुम अबला नहीं सबला हो पर अपनी प्रस्तुति दी। इसके अलावा रेनबो स्टार क्लब की मुख्य सलाहकार एवं ग्राम पंचायत नौणी की प्रधान निर्मला राजपूत ने नारी-नारी की परेशानी नामक सुंदर साहित्यिक रचना पढ़ी। वहीं लाडली फाउंडेशन के राज्य उपाध्यक्ष अनिता जसवाल ने कहा कि बेटियां राष्ट्र का भविष्य है बेटियों को सुरक्षा देने के लिए सब को मिलकर आगे आना होगा। शालिनी शर्मा ने ‘एक अनसुलझी पहेली है, खुद की खुद ही सहेली है’ कविता पाठ कर नारी के अंतर्मन की स्थिति को प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर निर्मला राजपूत, अनिता जैसवाल, प्रियंका, सीमा नड्डा, रुचि अवस्थी, शालू सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहीं। संस्था की महासचिव ने बताया कि मकर संक्रांति पर साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा जिसमें हिंदुस्तानी संस्कृति को मकर संक्रांति पर्व के आयोजन के महत्व पर चर्चा की जाएगी।
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