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Bilaspur News: बसों की कमी होने से उप तहसील नम्होल की राह हुई कठिन

Mon, 16 Feb 2026 11:29 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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सुषमा शर्मा।
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ग्राउंड रिपोर्ट
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शालु घाट-मलोखर-त्रिवेणी घाट रूट पर बस न होने से हजारों लोग परेशान
आरटीओ से रूट स्वीकृति लंबित, छात्र-महिलाएं और बुजुर्ग निजी वाहनों पर निर्भर
सात पंचायतों के लोगों को दिनभर नहीं मिलती बस, टैक्सी चालक कर रहे मनमानी

रजनीश शर्मा
मलोखर(बिलासपुर)। जिले के नम्होल क्षेत्र में उप तहसील खुलने के बाद भी परिवहन सुविधा न होने से हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शालुघाट से मलोखर होते हुए त्रिवेणीघाट बाया सिल्ह-नम्होल तक बस रूट की मांग कई वर्षों से उठ रही है, लेकिन अभी तक संबंधित विभाग इस रूट को स्वीकृति नहीं दे पाया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रूट पर बस सेवा शुरू होने से करीब आठ पटवार सर्कल और सात पंचायतों के लोगों को उप तहसील, बैंक और अन्य सरकारी कार्यालयों तक सीधे पहुंचने की सुविधा मिल जाएगी। वर्तमान में लोगों को टैक्सी या निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे गरीब परिवारों, छात्रों और महिलाओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। नम्होल में उप तहसील के अलावा बिजली बोर्ड, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, सहकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक सहित कई सरकारी कार्यालय स्थित हैं। इन कार्यालयों में कार्य करवाने के लिए मलोखर, छकोह सोलधा, लाड़ाघाट, पंडोखर दिगथली, सिकरोहा-मलोखर, धुणी पंजैल, साईं खारसी और रानी कोटला क्षेत्र के लोगों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। स्थानीय प्रबुद्ध लोगों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब नम्होल को उप तहसील बनाया गया है तो परिवहन व्यवस्था भी उसी अनुसार होनी चाहिए। लोगों की मांग है कि पूरे इलाके में दिनभर चार से पांच चक्कर बस के लगाए जाएं और आरटीओ विभाग नए रूट चिह्नित कर जल्द अनुमति दे। दिन में बस सेवा लगभग न के बराबर होने से नम्होल स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में सुबह करीब आठ बजे चांदपुर से एक बस सिलला होते हुए नम्होल से बिलासपुर जाती है, लेकिन इसके बाद न तो नम्होल आने की सुविधा है और न ही वापस गांवों तक पहुंचने के लिए कोई बस उपलब्ध है। लोगों का कहना है कि यदि शालु घाट-मलोखर-नमहोल रूट स्वीकृत हो जाता है तो हजारों लोगों को राहत मिलेगी और उप तहसील से जुड़े कार्य समय पर हो सकेंगे। संवाद
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इनसेट
नम्होल में कई सरकारी कार्यालय हैं, लेकिन बस सुविधा न होने से आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। गरीब और बुजुर्ग लोगों के लिए आना-जाना बहुत कठिन है। प्रशासन को जल्द समाधान करना चाहिए। -बलवंत कुमार शर्मा, निवासी सिकरोहा
इनसेट

इन पंचायतों को नम्होल उप तहसील से जोड़ा गया है, लेकिन परिवहन व्यवस्था नहीं है। सुबह एक बस बिलासपुर चली जाती है, उसके बाद पूरे दिन लोगों को आने-जाने के लिए कोई सुविधा नहीं मिलती। यदि रूट स्वीकृत हो जाए तो हजारों लोगों को राहत मिलेगी। - जितेंद्र शर्मा, अधिवक्ता कोलथी, मलोखर
इनसेट

महिलाओं, बुजुर्गों और छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। टैक्सी चालक मनमाना किराया वसूलते हैं, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। सरकार और जनप्रतिनिधियों को इस मुद्दे को प्राथमिकता देनी चाहिए। -सुषमा शर्मा, पूर्व प्रधान सोलधा पंचायत
इनसेट
लोग को रोजमर्रा और राजस्व, जल शक्ति, लोक निर्माण, बैंक इत्यादि के कार्यों को कराने के लिए नम्होल जाना पड़ता है। पूरे दिन में लगभग दो बसों के चार-चार चक्कर लगाए जाने चाहिए और इन बसों को अलग-अलग समय में लाड़ाघाट से सुई सुरहाड़, बठोह होते हुए भोली तक सुचारू रूप से चलाया जाना चाहिए। -हरी लाल शर्मा,पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष
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कोट
रूट चलाने के लिए लोग सब डिविजनल कमेटी को प्रस्ताव दें। उसके बाद इस प्रस्ताव को बैठक में लाया जाएगा। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। - राजेश कौशल, आरटीओ

सुषमा शर्मा।

सुषमा शर्मा।

सुषमा शर्मा।

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