-लोनिवि को शिकायत करने के बाद भी नहीं हो रहा समस्या का समाधान
-जमीन का मुआवजा मिलने के बाद भी भू मालिक नहीं छोड़ रहे हैं कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता(बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल की छुमाहण से डाहड वाया बाला चंगर देहलवीं सड़क किनारे रखी निर्माण सामग्री वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या को लेकर लोक निर्माण विभाग से शिकायत भी की है, समाधान नहीं होने पर लोगों ने विभाग के प्रति रोष जताया है।
छुमाहण से बाला सड़क पर स्थानीय लोगों की मलकीयत जमीन का मुआवजा मिलने के बाद भी अवैध कब्जे किए गए हैं। जबकि लोगों को उनकी जमीन का लाखों रुपये मुआवजा मिल चुका है। लोक निर्माण विभाग सड़क किनारे रखी निर्माण सामग्री को उठाने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। सड़क पर दो पहिया वाहन चालक कभी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। वहीं, राहगीर और स्कूली बच्चों के वाहनों की चपेट में आने का डर रहता है। यही नहीं अगर किसी वाहन को पास देना पड़ जाए तो वाहन चालकों को बड़ी दिक्कत झेलनी पड़ती है और कई बार तो वाहन दुर्घटना होने का डर रहता है। लोगों ने बताया कि बीते बरसात के मौसम में सड़क किनारे गिरे ल्हासे भी अभी तक नहीं हटाए गए हैं। इससे भी वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से सड़क पर रेत, बजरी, पत्थर सहित अन्य सामान के ढेर यातायात व्यवस्था में बाधा बन रहे हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कुछ समय पहले लोगों को यह सामग्री को उठाने के लिए कहा था, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। लोगों ने इस समस्या के निवारण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत की है। इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
भाखड़ा बांध विस्थापित समिति के सचिव प्रेम लाल ठाकुर, रणजीत सिंह, कुंदन सिंह, लखवीर सिंह, अमर सिंह, जोगिंदर सिंह, जगदीश राम सहित अन्य लोगों ने लोक निर्माण से समस्या का समाधान करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कोई भी दुर्घटना होगी तो लोक निर्माण विभाग इसका जिम्मेदार होगा। उधर लोक निर्माण विभाग झंडूता के सहायक अभियंता नितेश शर्मा ने कहा कि सड़क पर रखी भवन निर्माण सामग्री को उठाने के लिए लोगों को पहले भी कहा गया है, लेकिन उसे नहीं उठाया गया। कहा कि यातायात व्यवस्था को बाधा उत्पन्न करने वाले लोगों के खिलाफ भवन निर्माण सामग्री को हटाने की लिए लोगों को नोटिस दिए हैं। फिर भी नहीं मानते हैं तो विभाग उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।