बद्दी(सोलन)। डॉ. संजय रनोट ने सोमवार को बद्दी के खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) का कार्यभार संभाल लिया है। इससे पहले वह शिमला के मशोबरा में तैनात थे। डॉ. अनिल अरोड़ा के 30 जून को सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद खाली था। डॉ. संजय रनोट ने बताया कि जनता और सीएसआर के सहयोग से बद्दी में संपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना उनकी प्राथमिकता रहेगी। वह वर्ष 2019 से 2024 तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य कार्यक्रम अधिकारी रह चुके हैं। अपने अनुभव से वह दून में सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय कार्यक्रम लागू करने का प्रयास करेंगे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत टीकाकरण, मातृ शिशु योजना तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों को एनक्वाज प्रमाण पत्र दिलाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। वह सभी केंद्रों में जनशक्ति, दवाइयां और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे। राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय योजनाओं को शत प्रतिशत लागू करने पर उनका जोर रहेगा।
बद्दी में प्रवासी कामगारों की संख्या अधिक है। यहां रहने वाले लोगों के बच्चों को खसरे के टीके लगे हैं, लेकिन बाहर से आने वाले कुछ प्रवासी कामगार सभी टीके नहीं लगवाते हैं। इससे स्थानीय बच्चे भी खसरे जैसी बीमारी से ग्रस्त हो सकते हैं। डॉ. रनोट ने कहा कि पंचायत और स्थानीय लोगों की मदद से प्रवासी बच्चों का पंजीकरण किया जाएगा। इसके बाद उनके टीकाकरण की जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग किसी भी रोगी को उपचार से इंकार नहीं कर सकता, चाहे वह प्रवासी ही क्यों न हो। प्रवासी गर्भवती महिलाओं को मुफ्त टीकाकरण और अन्य सुविधाएं विभाग द्वारा मुहैया कराई जाती हैं, जो भविष्य में भी जारी रहेंगी। बद्दी एक नया स्वास्थ्य खंड है। इसे सुचारु रूप से चलाने के लिए काफी प्रयास करने होंगे, जो लोगों के सहयोग से ही संभव है।