एसडीएम झंडूता ने जारी किया तीसरा स्मरण पत्र, धराड़सानी में 3.10 बीघा जमीन से जुड़ा है मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के लिए अधिगृहीत 3.10 बीघा जमीन के इंतकाल नंबर 786 में पाई गई भिन्नता को ठीक करने की कार्रवाई लंबित है। इस मामले में उपमंडलाधिकारी (ना.) झंडूता ने तहसीलदार को एक सप्ताह के भीतर सुधार कर अनुपालना रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। बार-बार पत्राचार के बावजूद रिपोर्ट नहीं मिलने पर प्रशासन ने तीसरा स्मरण पत्र जारी किया है।
21 सितंबर 2026 को जारी स्मरण पत्र-3 में कहा गया है कि मौजा धराड़सानी के इंतकाल में पाई गई भिन्नता को दूर करने के लिए पहले भी पत्र जारी किए गए थे, लेकिन अब तक न तो कोई टिप्पणी मिली और न ही अनुपालना रिपोर्ट कार्यालय पहुंची है।
एसडीएम झंडूता अर्शिया शर्मा के कार्यालय से जारी पत्र संख्या जेएचडी-एसडीके (फोरलेन)/2026-10655-57 में पहले जारी किए गए पत्रों का हवाला दिया गया है। इनमें 27 दिसंबर 2025, 30 अप्रैल 2026 और 11 सितंबर 2026 को जारी पत्र शामिल हैं। इन पत्रों के माध्यम से भी इंतकाल में पाई गई भिन्नता को ठीक कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद रिपोर्ट नहीं मिलने पर अब एक सप्ताह की समयसीमा तय की गई है। पत्र के अनुसार, फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल ने 22 अगस्त 2025 को इस संबंध में आवेदन दिया था। इसके बाद 15 सितंबर 2025 को दोपहर 12 बजे तत्कालीन एसडीएम झंडूता अर्शिया शर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया था।
बैठक के संदर्भ में भू-अधिग्रहण के इंतकाल नंबर 786 में दर्ज भिन्नता को ठीक करने की कार्रवाई तहसीलदार को करनी थी। हालांकि, पहले पत्र जारी होने के बावजूद सुधार की अनुपालना रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय को नहीं मिली।
अब तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं कि 3.10 बीघा जमीन से संबंधित इंतकाल में भिन्नता को ठीक कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट कार्यालय को भेजें। स्मरण पत्र की प्रतिलिपि उपायुक्त बिलासपुर और शिकायतकर्ता मदन लाल को भी सूचनार्थ भेजी गई है।