मार्च के दूसरे रविवार को बाबा बालक नाथ मंदिर में नवाया शीश
14 मार्च से झंडा रस्म के साथ शुरू होंगे चैत्र मास के मेले
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। बाबा बालक नाथ मंदिर शाहतलाई में मार्च के दूसरे रविवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश-प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां बाबा बालक नाथ के दर्शन करने पहुंचे और माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली।
रविवार सुबह करीब पांच बजे से ही श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने लगे थे। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मंदिर परिसर में भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती गई और हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचे। श्रद्धालुओं ने बाबा बालक नाथ के पवित्र धाम में माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
शाहतलाई स्थित गरूणा झाड़ी और माता रत्नों लस्सी-रोटी मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने माथा टेका। अनुमानित तौर पर करीब 20 हजार श्रद्धालु यहां पहुंचे। कई श्रद्धालु परिवार सहित आए और पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा-अर्चना की। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए गए थे। मंदिर परिसर में लंगर की व्यवस्था की गई थी, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके अलावा पीने के पानी की भी उचित व्यवस्था की गई थी, ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। कर्मचारियों द्वारा लगातार सफाई कार्य किया जा रहा था, जिससे परिसर स्वच्छ बना रहे और श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण मिल सके। मंदिर प्रशासन ने बताया कि 14 मार्च से बाबा बालक नाथ मंदिर शाहतलाई में चैत्र मास के प्रसिद्ध मेले शुरू होंगे। मेले को लेकर मंदिर प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विभिन्न सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
मंदिर अधिकारी विजयपाल ठाकुर ने बताया कि चैत्र मास के मेले का शुभारंभ 14 मार्च को पारंपरिक झंडा रस्म के साथ किया जाएगा। इसके लिए मंदिर परिसर में तैयारियां जारी हैं और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन का प्रयास है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी श्रद्धालु बाबा बालक नाथ के दर्शन कर अपनी यात्रा सफल बना सकें।