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Bilaspur News: हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी बंद नहीं हुई गोबिंद सागर झील में मलबा डंपिंग

Wed, 17 Sep 2025 11:23 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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कीरतपुर.नेरचौक फोरलेन पर क्यारियां जंगल में डंप किया गया मलबा। संवाद
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कीरतपुर–नेरचौक फोरलेन पर हुए भूस्खलन के मलबे को दोबारा किया जा रहा डंप

थापना टनल नंबर-2 पोर्टल-2, ढलयार तुन्नू टनल के पोर्टल-दो सहित कई जगह डाला है मलबा
2024 में मलबा डंपिंग को लेकर वन विभाग कई कंपनियों पर करवा चुका है एफआईआर

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद भी गोबिंद सागर झील और उसके सहायक नदी, नालों में लगातार मलबा डंप किया जा रहा है। उच्च न्यायालय ने पुलिस, जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अवैध डंपिंग रोकने के सख्त आदेश दिए थे, बावजूद इसके यह सिलसिला जारी है। वहीं अब हाल ही में कीरतपुर–नेरचौक फोरलेन पर कई जगह हुए भूस्खलन का मलबा भी इन्हीं जगह डंप किया गया। जोकि प्रशासनिक कार्यशैली पर बड़ा सवाल है।
हाल ही में भूस्खलन का मलबा थापना टनल नंबर-2 पोर्टल-2, ढलयार तुन्नू टनल नंबर तीन के पोर्टल-दो, जब्बल, सुन्नण, भटेड़ में क्यारियां जंगल पेट्रोल पंप के पास, कोठीपुरा (मंडलोऊ) और मौजा छत सहित कई स्थानों पर मलबे के ढेर लगे हैं। मानसून के दौरान हुए भूस्खलन का यह मलबा सड़क किनारे नालियों, कलवर्ट और पुल-पुलियों तक जमा हो गया है। बारिश होने के बाद यह मलबा सीधे गोबिंद सागर झील में जा रहा है, जिससे पानी की गुणवत्ता खराब हो रही है और मत्स्य पालन पर असर पड़ रहा है। बताते चलें कि हाईकोर्ट में पहले से ही झील में मलबा डंप करने का मामला विचाराधीन है। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेशों पर फोरलेन निर्माण में लगी कई कंपनियों पर एफआईआर भी वन विभाग 2024 में दर्ज करवा चुका है। लेकिन अब फिर से विभागों के नाकों तले मलबा डंप करने का खेल शुरू हो गया है। जबकि अभी तक पुराना मलबा भी नहीं हटाया गया है। कई जगह फोरलेन के दोनों ओर मलबे के अंबार लगे हैं। इसी पर फिर से मलबा डाला गया है।
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फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल ने प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिलासपुर को इसकी लिखित शिकायत भेजी है। शिकायत में मौके से लिए गए फोटो और वीडियो साक्ष्य संलग्न कर बताया गया कि एनएचएआई ने यातायात सुचारू रखने के नाम पर झील और नालों में मलबा डालना जारी रखा है। समिति ने बोर्ड से मांग की है कि प्रभावित स्थानों का मौके पर निरीक्षण कर हाईकोर्ट के आदेशों के अनुरूप एनएचएआई और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। शिकायत की प्रतियां मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को भी भेजी गई हैं। कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों के बाद भी पुलिस और प्रशासन की निष्क्रियता निराश करने वाली है। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो, ताकि गोबिंद सागर झील को बचाया जा सके। वहीं इस संबंध में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के पर्यावरण अभियंता पवन शर्मा से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन वो फोन पर उपलब्ध नहीं हुए।

कीरतपुर.नेरचौक फोरलेन पर क्यारियां जंगल में डंप किया गया मलबा। संवाद

कीरतपुर.नेरचौक फोरलेन पर क्यारियां जंगल में डंप किया गया मलबा। संवाद

कीरतपुर.नेरचौक फोरलेन पर क्यारियां जंगल में डंप किया गया मलबा। संवाद

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