दियोटसिद्ध में दुकान में सफाई करता दुकानदार।
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शाहतलाई (बिलासपुर)। 10 सितंबर से बाबा दियोटसिद्ध मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। मंदिर न्यास ने मंदिर खोलने की तैयारी पूरी कर ली है। मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालु न तो बाबा की मूर्ति को छू पाएंगे और न ही उनकी मूर्ति के आगे एक मिनट से ज्यादा खड़े हो सकेंगे।
मंदिर खुलने से 6 मास से घरों में बैठे करीब 300 कारोबारियों को आर्थिक दशा सुधारने और परिवार की रोजी-रोटी का जुगाड़ होने की उम्मीद जग गई है। शाहतलाई मंदिर न्यास के प्रभारी सुखदेव ने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार 10 सितंबर से बाबा बालक नाथ की तपोस्थली मंदिरों के कपाट खोल दिए जाएंगे। मंदिर के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जा रही है। केवल स्वस्थ श्रद्धालुओं को ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को छह फुट दूरी का फासला बनाए रखना होगा। श्रद्धालुओं को जूते, चप्पल अपने वाहनों में ही रखने होंगे। इतना ही नहीं बाबा जी की मूर्तियों को छूने की मनाही रहेगी। एक मिनट से ज्यादा किसी को मूर्ति के आगे खड़े होने की अनुमति नहीं होगी।
मंदिरों के खुलने के निर्णय के बाद शाहतलाई की धार्मिक नगरी एक बार फिर दुल्हन की तरह सजने लग पड़ी है। दुकानदारों ने अपनी दुकानों में 6 माह से बंद पड़े सामान की साफ-सफाई करना शुरू कर दी है। दुकानदारी सजाने के बाद मंदिरों के कपाट खुलने और श्रद्धालुओं के आने का इंतजार कर रहे हैं। दुकानदार देशराज, वेद प्रकाश, अमन, नरेश कुमार, विपिन कुमार, राजकुमार, ईश्वर शर्मा, जरनैल सिंह, अश्वनी कुमार, चमन लाल, देवराज का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते 20 मार्च से लेकर 9 सितंबर तक मंदिरों के कपाट बंद रहने से उन की आर्थिक दशा बदतर हो गई है। बैंकों से कर्ज उठा कर परिवार का गुजर बसर कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि अब उन्हें मंदिरों के खुलने से परिवार की रोजी-रोटी की व्यवस्था होने की उम्मीद जगी है।