-रोग में तेजी से घटते हैं शरीर के प्लेटलेट्स, समय से लें उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग खंड झडूता द्वारा सीएचसी बरठीं में जागरुकता कार्यशाला हुई। डॉ. अरविंद टंडन की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार व कमल, सीएससी बरठी की महिला सुपरवाइजर प्रेमलता चंदेल तथा महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सरिता देवी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
कार्यशाला में सीएचसी बरठीं व पीएचसी कपाहड़ा की लगभग 50 आशा व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान डॉ. टंडन ने डेंगू की पहचान, लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की थीम जल्दी कार्रवाई करें, डेंगू रोके : स्वच्छ वातावरण, स्वस्थ जीवन है, जिसका उद्देश्य यह है कि डेंगू की रोकथाम के लिए तुरंत कदम उठाना आवश्यक है। उन्होंने स्वच्छता और सतर्कता को बचाव का मूल मंत्र बताया। स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार ने कहा कि डेंगू एक जल जनित वायरल संक्रमण है, जिसे आमतौर पर वेक्टर जनित रोग भी कहा जाता है। यह मच्छर अधिकतर बरसात के मौसम में पनपते हैं। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार बीते एक वर्ष में डेंगू के करीब सात लाख मामले दर्ज किए गए हैं। इस रोग में शरीर के प्लेटलेट्स तेजी से घटते हैं, जिससे रोगी की स्थिति गंभीर हो सकती है। स्वास्थ्य शिक्षक कमल कुमार ने बताया कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है और दिन के समय काटता है। इससे बचाव के लिए घरों के आसपास पानी न जमने दें, कूलर व पानी की टंकियों की नियमित सफाई करना, खिड़की-दरवाजों में जाली लगाना व मच्छरदानी का प्रयोग आवश्यक है।