प्रशासन ने सुरक्षा और मतदान की तैयारियां की पूरी
सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक होगा मतदान
428 वार्डों में मतदाता चुनेंगे अपने प्रतिनिधि
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाले पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण के तहत मंगलवार को जिले की 62 पंचायतों में मतदान होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव को लेकर उत्साह का माहौल है। पंचायत स्तर पर चुनावी सरगर्मियां सोमवार देर शाम तक जारी रहीं।
पहले चरण के तहत जिले के चारों विकास खंडों की पंचायतों में मतदान करवाया जाएगा। झंडूता विकासखंड की 15 पंचायतों, घुमारवीं विकासखंड की 21 पंचायतों, सदर विकासखंड की 17 पंचायतों तथा श्री नयना देवी जी विकासखंड की 9 पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी। पंचायतों के 428 वार्डों में मतदाता मताधिकार का प्रयोग करेंगे। झंडूता विकासखंड में धणी, भड़ोलीकलां, सलवाड़, पपलोआ, घराण, झबोला, बड़गांव, गेहडवीं, बैहना-जट्टा, डूहक, बैरीमिंया, डाहड़, बैहना-ब्राह्मणा, बलघाड़ और समोह पंचायतों में मतदान होगा। घुमारवीं विकासखंड की अमरपुर, फटोह, बल्हचुराणी, कुहमझवाड़, पनोह, भुलस्वाएं, कोटलू-ब्राह्मणा, कपाहड़ा, हटवाड़, मोरसिंघी, देहरा हटवाड़, गतवाड़, भपराल, घंडालवीं, बरोटा, भराड़ी, सेउ, पट्टा, लुहारवीं, तल्याणा और कुठेड़ा मरहाणा पंचायतों में चुनाव होंगे।
सदर विकासखंड के अंतर्गत बामटा, बल्ह-बल्हवाणा, निचली भटेड, बरमाणा, बैरी रजादियां, धार टटोह, देवली, माकड़ी मारकंड, कोठीपुरा, छड़ोल, दयोथ, साई खारसी, छकोह, डोबा, बंदला, सिकरोहा और घ्याल पंचायतों में मतदान होगा। श्री नयना देवी जी विकासखंड की तनबोल, टाली, री, मंडयाली, खरकड़ी, माकड़ी, कौड़ावाला, बस्सी और दबट पंचायतों में भी सोमवार को वोट डाले जाएंगे।
चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रत्येक विकासखंड में 10 प्रतिशत अतिरिक्त स्टाफ रिजर्व रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। सामान्य मतदान केंद्रों पर एक, संवेदनशील केंद्रों पर दो तथा अति संवेदनशील केंद्रों पर विशेष सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की है। प्रत्येक मतदान दल के साथ पुलिस विभाग का वरिष्ठ कर्मचारी भी भेजा गया है। मतदान सुबह 7 से शुरू दोपहर 3 बजे तक चलेगा। मतदान समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायतों की मतगणना संबंधित पंचायत मुख्यालयों में ही करवाई जाएगी, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों की मत पेटियों को संबंधित विकासखंडों के स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा। इनकी मतगणना 31 मई को कड़ी सुरक्षा के बीच निर्धारित केंद्रों पर होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव को लेकर उत्साह के बीच अब सभी की नजर मंगलवार को होने वाले मतदान प्रतिशत और पंचायतों के चुनावी परिणामों पर टिकी है।