छह दशक से लंबित मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे होमगार्ड
2100 जवानों की तैनाती व मातृत्व अवकाश जैसे फैसलों पर जताया आभार
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रदेश के हजारों होमगार्ड जवान स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री से स्थायी नीति की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार ने बीते दिनों कैबिनेट बैठक में जवानों के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि उन्हें स्थायी पहचान और सुनिश्चित जिम्मेदारी भी मिले।
बिलासपुर होमगार्ड संगठन के प्रधान विजय धर्माणी ने कहा कि हाल ही में कैबिनेट बैठक में 2100 जवानों की तैनाती, राज्य से बाहर सेवाएं दे रहे जवानों को होमगार्ड स्थापना दिवस पर 500 रुपये अतिरिक्त दैनिक भत्ता तथा महिला जवानों के लिए मातृत्व अवकाश जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इन फैसलों के लिए होमगार्ड परिवार ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। कहा कि इसके बावजूद होमगार्ड जवानों की सबसे बड़ी मांग अब भी अधूरी है। छह दशकों से जवान स्थायी रोजगार नीति और सुनिश्चित कार्य की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस व केंद्रीय सुरक्षा बलों की तरह होमगार्ड जवान भी प्रशिक्षित हैं और आंतरिक सुरक्षा, सीमा सुरक्षा, औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा से लेकर आपदाओं में राहत और बचाव कार्यों तक में दिन-रात तत्पर रहते हैं। कहा कि अगर इन्हें भी अन्य विभागों की तरह स्वतंत्र कार्य और स्थायित्व प्रदान किया जाए, तो यह आत्मनिर्भर हिमाचल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि स्वतंत्रता दिवस पर होमगार्ड जवानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने वाला ठोस और दूरदर्शी निर्णय लिया जाए।