कमेटी के सदस्य बोले, विघटन की ओर जा रहा बोर्ड, सुधार आवश्यक
दो कर्मचारी नेताओं पर हुई चार्जशीट को वापस लेने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विद्युत बोर्ड ज्वाइंट एक्शन कमेटी बिलासपुर ने सात अगस्त को शिमला में होने वाले आंदोलन के लिए पूर्ण समर्थन देने की बात कही। पदाधिकारियों ने कहा कि यदि कमेटी के नेताओं पर दायर चार्जशीट वापस नहीं ली गई तो आंदोलन और तेज होगा।
बिलासपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कमेटी के पदाधिकारियों बंसी राम, राजकुमार और रच्छपाल ने कहा कि विद्युत बोर्ड आज विघटन की ओर जा रहा है। जिन दो नेताओं ने कर्मचारियों की आवाज उठाई उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। कहा कि प्रबंधन में बैठे अधिकारी पता नहीं कैसी सलाह सरकार को दे रहे हैं। कहा कि बोर्ड का कहना है कि उन्हें 315 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है। यदि ऐसा है तो पेंशनरों के लंबित बिलों को क्यों नहीं दिया जा रहा है। राजकुमार ने कहा कि सरकार ने हाल में 159 वरिष्ठ सहायकों के पदों को खत्म किया। वहीं रच्छपाल सिंह ने कहा कि कर्मचारियों ने अपने पसीने से विद्युत बोर्ड को सींचा है। उसे ऐसे बर्बाद होते हुए नहीं देखेंगे। वहीं कमेटी के राज्य उपाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष यशवंत सिंह उर्फ बिट्टू ने कहा कि आवाज उठाने वाले दो नेता हीरालाल वर्मा और लोकेश ठाकुर पर चार्जशीट दायर की गई, यह सरासर गलत है। उन्होंने मांग उठाई कि दोनों लोगों को उनके पद पर बहाल किया जाए। यदि चार्जशीट को वापस नहीं लिया गया तो प्रबंधन और सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। कहा कि 7 अगस्त को सरकार के समक्ष विद्युत बोर्ड में ओपीएस बहाली, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति और बोर्ड में पदों की बहाली की मांग उठाई जाएगी। इस मौके पर सुरेश शर्मा, विनोद गुप्ता, रविंद्र चौधरी, बालक राम ठाकुर और अमन सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।