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भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच ने सीएम को भेजा 21 सूत्रीय मांगपत्र

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भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच के सदस्य उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपते हुए। - फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच ने उपायुक्त के माध्यम से सीएम जयराम ठाकुर को भूमि अधिग्रहण, 2013 कानून (पुनर्स्थापना, पुनर्वास और चार गुना मुआवजा) को हिमाचल में लागू करने के लिए 21 सूत्रीय मांगपत्र भेजा।
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मंच के प्रदेश सह संयोजक मदन लाल शर्मा ने कहा कि भूमि अधिग्रहण 2013 कानून को हिमाचल सरकार पूर्णतया लागू नहीं कर रही है। हालांकि 2018 में मंत्री स्तर पर एक सब कमेटी गठित की गई थी। इसमें पुनर्स्थापना, पुनर्वास औरभूमि अधिग्रहण 2013 के अनुसार फैक्टर-2 (चार गुना मुआवजा) को लागू करने की बात तय हुई थी। लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद भी हिमाचल सरकार अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं ले पाई है। मंच ने सीएम से मांग की कि भूमि अधिग्रहण, 2013 कानून (पुनर्स्थापना, पुनर्वास और चार गुना मुआवजा) के सभी प्रावधानों को हिमाचल सरकार लागू करे। जमीन के सर्कल रेट भी उसके अनुसार तय किए जाएं। कम किए गए सर्कल रेट वापस लिए जाएं। स्टांप एक्ट के सेक्शन 47 ए के अनुसार सर्कल रेट निर्धारित किए जाएं। जमीन और मकानों का मुआवजा, भू मालिकों की निजी भूमि में हुए बदलाव की नियमानुसार जांच करवाई जाए। ताकि निजी भूमि में अप्रूवड रोड अलाइनमेंट प्लान में हुए बदलाव की नियमानुसार जांच कर पुष्टि हो सके। फोरलेन के तहत निजी भूमि में हो रहे कार्य पर तुरंत प्रभाव से तब तक रोक लगाई जाए जब तक कि रूट बदलाव में पूर्ण रूप से जांच न हो जाए। भूमि अधिग्रहण से बार-बार विस्थापित हो रहे लोगों पर विशेष पॉलिसी बनाई जाए।
मंच ने कहा कि मांगों का सरकार तुरंत निपटारा करे, अन्यथा भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच अक्तूबर माह में राज्य और जिला स्तरीय आंदोलन करेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य, केंद्र सरकार और राष्ट्रीय उच्च मार्ग के अधिकारियों की होगी। इस मौके पर जगतराम, बलदेव दास, रत्न सिंह, जगदीश राम, बालकृष्ण, चौधरी राम, बशीरदीन, कृष्ण लाल और राकेश मौजूद रहे।
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