ग्रामीण बोल-जरोड़ा, केट, खस्वी, और पड़ोहरी को मिलाकर नई पंचायत बनाई जाए
उपायुक्त को पत्र भेजकर कहा, ग्राम पंचायत जरोड़ा के नाम से हो नई पंचायत
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। विकास खंड घुमारवीं की ग्राम पंचायत गाहर को क्षेत्र और जनसंख्या के आधार पर विभाजित करने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्तावित नई पंचायत के स्वरूप ने स्थानीय निवासियों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
गांव जरोड़ा के लोगों का कहना है कि प्रस्तावित नई पंचायत का नाम ग्राम पंचायत जरोड़ा रखा जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन भी दिया है। इसकी प्रतिलिपियां तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और खंड विकास अधिकारी घुमारवीं को भी भेजी गई हैं। लोगों ने कहा कि पहले भेजे गए प्रस्ताव में उन्हें पुरानी पंचायत गाहर के साथ रखने का सुझाव दिया गया था, जोकि सही नहीं है। तर्क दिया कि वर्तमान पंचायत कार्यालय जरोड़ा से लगभग छह किलोमीटर दूर स्थित है, जिससे उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मांग की है कि जरोड़ा, केट, खस्वी, और पड़ोहरी को मिलाकर नई पंचायत का गठन किया जाए। इन गांवों की जनसंख्या 1000 से अधिक है, जो एक नई पंचायत बनाने के लिए उपयुक्त मानी जाती है। ग्राम सुधार समिति जरोड़ा के प्रधान अमरनाथ भारद्वाज ने बताया कि नई पंचायत के गठन के लिए सरकारी प्राथमिक पाठशाला जरोड़ा के पास जमीन उपलब्ध है। यह स्थान सभी गांवों के मध्य में है, जिससे यह नई पंचायत के लिए आदर्श स्थान साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर जरोड़ा, केट, और खस्वी गांवों के निवासियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जरोड़ा को नई पंचायत में शामिल किया जाए और नई पंचायत का नाम ग्राम पंचायत जरोड़ा रखा जाए। ग्रामीणों ने सरकार से अपील की है कि उनके प्रस्ताव पर विचार कर नई पंचायत का गठन जल्द किया जाए। कहा कि नई पंचायत बनने से क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी।