बल्ह-बल्हवाणा पंचायत के प्रांगण में चटाई पर बैठकर बैठक करते नवनिर्वाचित प्रतिनिध।
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बिलासपुर। सदर विकास खंड की बल्ह-बल्हवाणा पंचायत के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों ने सोमवार को पहली बैठक में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती से निपटने की शुरुआत कर दी है। पंचायत के पिछले कार्यकाल में हुई वित्तीय अनियमितताओं को लेकर लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नए नुमाइंदों ने नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इन शिकायतों को दो-तीन दिन में पंचायतीराज विभाग और विजिलेंस को सौंपा जाएगा।
घोटालों और वित्तीय अनियमितताओं पर कार्रवाई न होने तक कुर्सी पर नहीं बैठने के संकल्प पर अडिग रहे। पंचायत प्रधान रजनीश ठाकुर के साथ उपप्रधान केसर सिंह और वार्ड मेंबर अंजू, दीपराम, कमला, निशा, रामकली, पिंकी व इंद्रपाल ने कुर्सियों के बजाए पंचायत के प्रांगण में चटाई पर बैठकर सारी कार्रवाई पूरी की। इस दौरान उनके पास कई मौखिक और लिखित शिकायतें भी आईं। कुछ लोगों ने लिखित शिकायत दी कि पंचायत के पिछले कार्यकाल में मनरेगा के तहत उनका बकरी शेड मंजूर किया गया था। इसके लिए लगभग 35 हजार रुपये मिलते हैं। सारा काम करने के बावजूद उन्हें इस राशि का चौथा हिस्सा ही मिल पाया। उन्हें सीमेंट के कुछ बैग दिए गए थे, जबकि रेत, बजरी व अन्य सामग्री उन्होंने खुद खरीदी।
हैरान करने वाला पहलू यह है कि रेत-बजरी के सप्लायर के खाते में पैसा जमा कर दिया गया, जबकि उसने यह सामग्री उन्हें दी ही नहीं। इस बारे में बार-बार पूछने के बावजूद तत्कालीन प्रधान और सचिव ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि पंचायत के नए प्रतिनिधियों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया है। इसी को देखते हुए वे उनके पास शिकायत लेकर आ रहे हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि उनकी बकाया राशि जल्द दिलाई जाए।
पंचायत प्रधान रजनीश ठाकुर ने कहा कि पिछले कार्यकाल में गड़बड़ियों और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इन शिकायतों को सूचीबद्ध करके जल्द ही पंचायतीराज विभाग और विजिलेंस को सौंपा जाएगा। ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। तब तक कोई भी पंचायत प्रतिनिधि कुर्सी पर नहीं बैठेगा। इससे लोगों के कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।