औहर में अस्थायी सर्विस रोड और मलबे को हटाने में लगी मशीन। स्रोत: जागरूक पाठक
औहर पंचायत के प्रधान, उप प्रधान, बीडीसी सदस्य ने फोरलेन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर के समक्ष उठाया मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत औहर में फोरलेन निर्माण के दौरान मुख्य पुल के साथ बनाई गई अस्थायी सर्विस सड़क और उसके मलबे को नहीं हटाए जाने से पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी। इससे बरसात के दौरान मुख्य पुल को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ था। पंचायत प्रधान देशराज शर्मा, उप प्रधान गौरव शर्मा और बीडीसी सदस्य अजय शर्मा ने मामला फोरलेन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर के समक्ष उठाया। इसके बाद अब मौके पर मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है।
फोरलेन निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और अन्य वाहनों की आवाजाही के लिए मुख्य पुल के साथ अस्थायी सर्विस सड़क बनाई गई थी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इस सड़क को हटा दिया जाना चाहिए था, लेकिन इसे पूरी तरह हटाए बिना मलबा और बड़े पत्थर मौके पर ही छोड़ दिए गए। इससे पानी के प्राकृतिक बहाव में रुकावट पैदा हो गई। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, बरसात के दौरान पानी का बहाव बढ़ने पर पुल के नीचे और आसपास जमा मलबे के कारण स्थिति गंभीर हो सकती थी। पानी की निकासी बाधित होने से पुल को नुकसान पहुंचने की आशंका थी। साथ ही रास्ते में मलबा रहने से ग्रामीणों को भी परेशानी हो सकती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधान देशराज शर्मा, उपप्रधान गौरव शर्मा और बीडीसी सदस्य अजय शर्मा ने फोरलेन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर से संपर्क किया। उन्होंने समस्या को अधिकारियों के समक्ष रखते हुए सर्विस सड़क की रुकावट तुरंत हटाने और पानी की निकासी बहाल करने की मांग की। जनप्रतिनिधियों की ओर से मामला उठाए जाने के बाद कंपनी ने मौके पर मशीनरी लगाकर काम शुरू कर दिया है। मशीनों के साथ रॉक ब्रेकर की मदद से पुल के नीचे और आसपास जमा मलबे तथा भारी पत्थरों को हटाया जा रहा है। इससे पानी की निकासी बहाल होने और पुल को संभावित नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी। स्थानीय लोगों ने पंचायत प्रतिनिधियों की इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि समय रहते समस्या उठाए जाने से संभावित नुकसान को टाला जा सकता है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों के साथ लोगों की सुरक्षा से जुड़े मामलों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।