बिलासपुर के रम्पुरा गांव में करंट से छात्र की मौत के बाद बिजली के खंभे को देखते ग्रामीण। फोटो अमर ?
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रामपुर। खंभे की सपोर्ट के तार में आ रहे करंट की चपेट में आने से कक्षा तीन के एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई तथा छात्र का छोटा भाई गंभीर रुप से झुलस गया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ हंगामा किया। बाद में पहुंचे बिजली विभाग के जेई आदि ने खंभे पर केबल बांधने वाले ठेकेदार की गलती बताते हुए झुलसे हुए छात्र के उपचार के लिए आठ हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने का वादा किया। परिजनों ने छात्र को सुपुर्द ए खाक कर दिया।
मामला रम्पुरा गांव का है। ग्राम निवासी मोहम्मद यामीन मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता है। मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे उसका पुत्र जोहिब 13 वर्ष अपने छोटे भाई राहिद के साथ घर से मोहल्ले की एक दुकान पर कुछ लेने के लिए जा रहा था। परिजनों के मुताबिक, जोहिब गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन में तथा राहिद कक्षा एक में पढ़ता है। मंगलवार को सुबह से ही बारिश होने के कारण दोनों भाई स्कूल नहीं गए थे। गली में कीचड़ होने की वजह से दोनों भाई गली में एक किनारे जा रहे थे। गली में खड़े बिजली के खंभे की सपोर्ट वाली तार से जोहिब की कमर स्पर्श कर गई। खंभे के जरिये सपोर्ट में करंट आने की वजह से छात्र बुरी तरह से झुलस गया। इस दौरान राहिद भी करंट से झुलस गया। बच्चों को करंट से झुलसते देखकर भागकर मौके पर तमाम ग्रामीण पहुंच गए। ग्रामीणों ने दोनों भाइयों को किसी तरह बचाया, जिसमें जोहिब की मौके पर ही मृत्यु हो गई। कोहराम भरे माहौल में परिजन दोनों बच्चों को लेकर गांव के एक चिकित्सक के पास पहुंचे, जहां चिकित्सक ने जोहिब को मृत घोषित कर दिया तथा राहिद को रुद्रपुर के अस्पताल उपचार को भेज दिया। गोधी समिति के पूर्व चेयरमैन हरदेव सिंह व ग्राम प्रधान परमजीत कौर भी तत्काल मौके पर पहुंच गईं और गोधी बिजलीघर फोन करके बिजली की आपूर्ति बंद कराई। ग्रामीणों ने खंभे के जरिये सपोर्ट में करंट आने पर बिजली विभाग के खिलाफ हंगामा किया। बाद में दोपहर करीब तीन बजे गोधी बिजलीघर के जेई दुर्ग पाल अपने मातहतों के साथ मौके पर पहुंचे और जांच कर बताया कि ठेकेदार ने गांव के खंभों से तारों को हटाकर केबल डाली थी, जिसमें करंट की एक तार खुली छूट गई थी, जो हवा के झोंके के कारण करंट की तार सपोर्ट के तार से छू गई और सपोर्ट के तार में करंट प्रवाहित हो गया। उन्होंने घटना के लिए ठेकेदार को जिम्मेदार माना। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति दर्शाते हुए घायल छात्र के उपचार के लिए आठ हजार रुपये की आर्थिक मदद की और मृतक छात्र के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने के लिए फार्म आदि भरवाया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर पीड़ित परिवार को सहायता नहीं मिली तो वह रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। बाद में मृतक छात्र को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।