बिलासपुर। घुमारवीं उपमंडल के तहत ग्राम हटवाड़ पंचायत के कठलग गांव निवासी असम पुलिस में कार्यरत ज्ञान चन्द की गत दिवस ड्यूटी के दौरान हृदय गति थमने से मौत हो गई। असम पुलिस की एक टुकड़ी द्वारा मृतक का पार्थिव शरीर वीरवार सुबह पैतृक गांव लाया गया। दोपहर के समय कठलग में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान क्षेत्र के काफी संख्या में आए लोगों ने जवान को अंतिम विदाई दी। जवान की आकस्मिक मौत से इलाके में शोक की लहर है।
जानकारी के मुताबिक कठलग गांव के ज्ञान चन्द (57) असम पुलिस में इंस्पेक्टर के तौर पर गुवाहाटी में सेवाएं दे रहे थे। 6 महीने पहले वह छुट्टी पर घर आये थे और उन्हें इस महीने ही छुट्टी पर घर आना था। लेकिन अचानक 13 तारीख को ड्यूटी के दौरान ही हृदय गति थमने से उनकी मौत हो गई और घर आने का सपना बंद आंखों से पूरा हुआ।
बताया जा रहा है कि 12 जुलाई को उनकी अपने घर पर पत्नी से बात हुई थी। जिस दौरान ज्ञान चन्द ने इस महीने घर आने की बात कही थी। वीरवार को ज्ञान चन्द का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा । गांव के लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दे कर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भराड़ी पुलिस के जवान भी मृतक के घर पहुंचे व परिवार के प्रति सांत्वना व्यक्त की।
घुमारवीं के पूर्व विधायक राजेश धर्माणी सहित कई बुद्धिजीवी लोगों ने मृतक के घर पहुंच कर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और इस शोक की घड़ी में ढाढस बंधाया। क्षेत्र के लोगों ने ज्ञान चन्द की मौत पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है।
बताते चलें कि ज्ञान चन्द के बेटे की भी करीब 6 वर्ष पहले ब्रेन हेमरेज से मृत्यु हो चुकी है। उनका बेटा उस समय महज 22 वर्ष का था जो कि लुधियाना में बीटेक के पढ़ाई कर रहा था। वहां उसकी मौत हुई थी। ज्ञान चन्द की एक बेटी की शादी हो चुकी है और घर में उसकी पत्नी अकेली रहती हैं।
पत्नी से कहा था इसी महीने छुट्टी पर आऊंगा
पुलिस जवान ज्ञान चन्द ने 12 जुलाई को जब घर पर बात कर कहा था कि वह इसी महीने छुट्टी पर आएगा तो उसकी पत्नी ने उसके आने के इंतजार में दिन बिताने शुरू कर दिए। लेकिन 13 जुलाई को जैसे ही घर पर उनके मृत्यु की खबर पहुंची तो ज्ञान चन्द की पत्नी पर दु:खों का पहाड़ गिर गया। उसे यह समझ नहीं आ रहा कि अब अपना गुजर बसर किसके सहारे करेगी।