शिक्षा विभाग की ओर से नियमों को ताक पर रखकर नए-नए आदेश लागू किए जा रहे हैं। इसमें दैनिक भोगी कम सेवादारों की प्राइमरी स्कूलों से सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में रात्रि ड्यूटी लगाई जा रही है। इसका जिला बिलासपुर अंशकालीन जलवाहक कम सेवादार कर्मचारी संघ ने कड़ा विरोध किया है। इस मामले को लेकर शुक्रवार को संघ का एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा उपनिदेशक (उच्च) बिलासपुर से मिला। उपनिदेशक की अनुपस्थिति में संघ के जिला प्रधान राजपाल ठाकुर की अध्यक्षता में सुपरीटेंडेंट प्रथम श्रेणी चंद्राभा मिश्रा को ज्ञापन सौंपा।
संघ का कहना है कि करीब दो माह पूर्व संघ का प्रतिनिधिमंडल उपनिदेशक से मिला था। इसमें रात्रि ड्यूटी न लगाने की मांग की गई थी। इस पर उन्होंने ड्यूटी न लगाने का आश्वासन दिया था। लेकिन, वीरवार को रात्रि ड्यूटी के लिखित ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। जो कि सरासर नियमों के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि रात्रि चौकीदारों का वेतनमान अधिक है, जबकि उन्हें नाममात्र ही वेतन मिलता है। बावजूद इसके उनसे अतिरिक्त काम लिया जा रहा है। रात्रि ड्यूटियां भी करीब 15 से 18 किलोमीटर दूर लगाई जा रही हैं। इसके अलावा संघ ने आरोप लगाया है कि कार्यालय के कुछ तथाकथित स्वयंभू नेता कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं जो सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभाग से मांग की है कि दैनिक भोगी कर्मचारियों की रात्रि ड्यूटी न लगाई जाए। यदि जल्द ही आदेशों को वापस नहीं लिया गया, तो संघ शिक्षा उपनिदेशक (उच्च) बिलासपुर कार्यालय का घेराव करने के लिए मजबूर होगा। प्रतिनिधिमंडल में संघ के महासचिव श्याम लाल, प्रेस सचिव छबील दास, नरेंद्र कुमार, श्याम लाल और चमन लाल आदि शामिल रहे।
आपालकालीन स्थिति में लगानी पड़ी ड्यूटी : रवि जंबाल
इस बारे में शिक्षा उपनिदेशक (उच्च) बिलासपुर रवि जंबाल का कहना है कि जिला में रात्रि ड्यूटी के लिए चौकीदारों की कमी के चलते कुछ दैनिक भोगी कम सेवादारों की रात्रि ड्यूटी लगाई है। इसके लिए संघ के साथ बैठक भी हुई थी। इसमें कर्मचारियों से सहयोग की अपील की गई थी। आपातकालीन स्थिति में कुछ कर्मचारियों की ड्यूटी लगानी पड़ी है।