बिलासपुर। विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति की बैठक रघुनाथपुरा में हुई जिसकी अध्यक्षता प्रांत मातृशक्ति संयोजिका विमला अंगिरस ने की। इस बैठक में विशेष तौर पर इंद्रप्रस्थ क्षेत्रीय संयोजिका वीणा शर्मा उपस्थित रहीं।
बैठक का मंच संचालन विमला अंगिरस ने किया। अधिवक्ता तुषार डोगरा ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू समाज की आस्थाओं व चरित्र निर्माण का काम माताएं करतीं आ रही हैं। उन्होंने अपने संबोधन में गांव-गांव में विश्व हिंदू परिषद के सत्संग चलाने पर जोर दिया ताकि प्रत्येक माता व बहन अपने घर व समाज को सुरक्षित रख पाए।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता विनय शर्मा ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि आज जो समाज के अंदर विकृत मानसिकता के लोग पैदा हो रहे हैं उन्हें मातृशक्ति संस्कारों के माध्यम से ठीक करेगी। उन्होंने कहा कि अपनी बेटियों को ब्यूटी पार्लर की अपेक्षा दुर्गा वाहिनी व राष्ट्रीय सेविका समिति में जोड़ें ताकि वे अपना शारीरिक व मानसिक विकास कर पाएं जो हादसा हैदराबाद और उन्नाव में हुआ उसके लिए मौन भी किया गया।
विनय शर्मा ने कहा कि सत्संग मातृशक्ति के काम का आधार है। गांव-गांव के अंदर सत्संग की इकाइयां गठित करें ताकि माताएं बहनें अपने परिवार के पुरुष वर्ग को संस्कार देते हुए अपने गांव मोहल्ले रिश्तेदारी में भी एक सौहार्दपूर्ण वातावरण का निर्माण करेंगी। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश के अंदर नशा एक बहुत बड़ी विकराल समस्या का रूप ले चुका है जिसमें लड़कियां भी धीरे-धीरे फंसती जा रही हैं। उन्हें सत्संग के माध्यम से बाहर निकालने के लिए हम प्रयासरत हैं तथा इसके नाते समय-समय पर विभिन्न पदाधिकारियों का प्रवास गांव में समितियों का गठन करना ही इसका निवारण है।
इस बैठक में रेखा शर्मा, सुनीता चौधरी, पुष्पा ठाकुर, उर्मिला चौहान, बंटी ठाकुर, रोशनी कुमारी, रामप्यारी, मनजीत कुमारी आदि माताओं ने भाग लिया। इस मौके पर अश्विनी कपिल, नीरज जयसवाल, संजीव ढिल्लों, अमरदेव, रमेश ठाकुर, राकेश ठाकुर, रामपाल मौजूद रहे।