घुमारवीं लेखक संघ की कवि गोष्ठी में लोहड़ी पर्व की रही धूम
लोहड़ी आपसी भाईचारे, सामाजिक मेलजोल और खुशियों का पर्व : एसडीएम
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं लेखक संघ के स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को पेलियो म्यूजियम घुमारवीं में विशेष बैठक एवं कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अनेक राम संख्यान ने की, जबकि घुमारवीं के एसडीएम गौरव चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। डॉ. रविंद्र ठाकुर, रामलाल पाठक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
डॉ. अनेक राम संख्यान ने कहा कि घुमारवीं लेखक संघ की स्थापना क्षेत्र के स्थानीय कवियों और साहित्यकारों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। मुख्यातिथि एसडीएम गौरव चौधरी ने सभी को लोहड़ी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोहड़ी आपसी भाईचारे, सामाजिक मेलजोल और खुशियों का पर्व है। ऐसे आयोजन लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके बाद कवि गोष्ठी में लोहड़ी, समाज और समकालीन विषयों पर आधारित कविताओं की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। भीम सिंह नेगी ने चलो नी सहेलियों मिलकर गाइये लोहड़ी, हेमराज शर्मा ने व्यवहार की ताकत, बृजलाल लखनपाल ने बदलोई गया तेरा गांव जिंदड़िये, रामलाल पाठक ने वारे वी पढ़ी गए, पारे वी पढ़ी गए, शमशेर सिंह चंदेल ने बेरोजगार बेचारा कवि कुंवारा, प्रीति शर्मा मधु ने श्मशान में जलता सिर्फ देखे खुद को कविता प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी।
इसके अलावा सुषमा खजूरिया ने बाल शहीदों को नमन, प्रवीण शर्मा ने बेगाने होते लोग देखे, सुनील शर्मा ने स्याला आया, केशव शर्मा रसिक ने लोहड़ी का पावन पर्व है आया, डॉ. रविंद्र ठाकुर ने लोहड़ी दीयां बधाइयां, डॉ. अनेक राम संख्यान ने चल रही है ठंडी सोहणी रूत्त, कैप्टन सुरेंद्र कुमार ने तेरे नाम लेखक संघ, रविंद्र साथी ने लोहड़ी का महत्व, रचना चंदेल ने भारत का इतिहास, वीणा वर्धन ने मोबाइला रा प्यार, निर्मला ठाकुर ने देखो लोको केहड़ा जमाना आया प्रस्तुत कर श्रोताओं से जमकर तालियां बटोरीं। कवि गोष्ठी में साहित्यकारों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने लोहड़ी पर्व की खुशियों के साथ लोक संस्कृति और साहित्यिक चेतना का जीवंत चित्र प्रस्तुत किया।