श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी मंदिर में कोरोना काल के दौरान भी नवरात्रों में श्रद्धालुओं को 22 घंटे दर्शन होते रहेंगे। लेकिन, लंगर बांटने पर मनाही रहेगी। वहीं पर माता का सदाव्रत लंगर भी नवरात्रों के दौरान बंद रहेगा। इसके अलावा हवन यज्ञ करने पर भी मनाही रहेगी और प्रसाद भी नहीं चढ़ेगा।
मंदिर अधिकारी हुसन चंद ने कहा कि नवरात्रों के दौरान लंगर बंद रहेंगे। श्रद्धालु अपने खाने-पीने का सामान साथ लाएं। मंदिर में नारियल, हलवा, प्रसाद चढ़ाने की भी मनाही रहेगी। मंदिर अधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार मंदिर न्यास ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। जगह-जगह पर हैंड टच फ्री सैनिटाइजर मशीनें लगाई गई हैं। इसके अलावा मंदिर को समय-समय पर सैनिटाइज भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। जिलाधीश बिलासपुर राजेश्वर गोयल के निर्देशानुसार तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। विद्युत बोर्ड, जलशक्ति विभाग, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद श्री नयना देवी और लोक निर्माण विभाग ने तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि छोटे-छोटे बच्चों और 65 साल से ज्यादा की उम्र के बुजुर्गों को मंदिर में दर्शन करने के लिए न लाएं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के चलते जगह-जगह श्रद्धालुओं की थर्मल स्कैनिंग का व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरी तरह से कार्यरत रहेंगी। एक नोडल ऑफिसर तैनात किया जाएगा, जो व्यवस्थाओं पर नजर रखेगा। मंदिर अधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह सूचना पट लगाए जाएंगे। ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि नवरात्रों के दौरान साफ -सफाई का पूरा बंदोबस्त किया जाएगा। ताकि पावन नगरी स्वच्छ और सुंदर नजर आए।