शाहतलाई (बिलासपुर)। बाबा बालक नाथ की तपोस्थली एवं धार्मिक नगरी शाहतलाई में मंदिरों के कपाट 10 सितंबर को खुले। एक माह में बाबा बालक नाथ के मंदिरों में करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। हालांकि मंदिरों के कपाट खुलने के बाद अभी तक मंदिर न्यास ने चढ़ावे के गल्ले नहीं खोले हैं।
श्रद्धालुओं ने कहा कि सरकार ने मंदिरों के कपाट दर्शनों के लिए खोल दिए हैं, लेकिन मंदिरों में 10 साल के बच्चों के जाने की पाबंदी सही नहीं है। जालंधर से बाबा के दर्शन करने आए भक्त प्रदीप सिंह, जोगिंद्र सिंह, लुधियाना से आए रवि कुमार, हरदेव सिंह, कमल कौर, होशियारपुर से आए बलविंद्र सिंह, अमरजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने बाबा जी के दरबार में संतान की मन्नतें मांगी थीं। मन्नतें पूरी हो गई हैं। हम बच्चे को लेकर बाबा जी के दरबार में आए हैं लेकिन मंदिर प्रशासन ने प्रदेश सरकार की गाइड लाइन का हवाला देकर बच्चों को मंदिर में नहीं जाने दिया। उन्होंने कहा कि जब बच्चे हमारे साथ आए हैं तो बच्चों का मंदिरों में न जाने का कोई औचित्य नहीं बनता है।
बाबा जी के भक्तों की तादात में बढ़ोतरी से दुकानदारों के चेहरों पर रौनक आने लगी है। उधर, बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास के मंदिर प्रभारी सुखदेव सिंह चंदेल ने बताया कि हर रोज बाबा जी के भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। मंदिरों में सरकार की गाइड लाइन का पूरा पालन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की हर सुख सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। बीते एक माह में 15 हजार श्रद्धालु बाबा की तपोस्थली में दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक चढ़ावे के गल्लों को नहीं खोला गया है।