श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। प्रदेश के बॉर्डर खुलने के बाद विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में फिर रौनक लौटनी शुरू हो गई है। मां नयनादेवी मंदिर जयकारों से गूंज रहा है। रविवार शाम तक लगभग 3583 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। कोरोना काल के करीब छह महीनों बाद श्री नयनादेवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने इतनी बड़ी तादात में माथा टेका। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर न्यास ने बेहतर बंदोबस्त किए थे। श्रद्धालुओं ने बड़े ही व्यवस्थित ढंग से मां नयना देवी के दर्शन किए। मंदिर अधिकारी हुसन चंद ने बताया कि रविवार को काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। व्यवस्थाएं पूरी तरह से सुचारु बनी रहीं। सुबह श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा थी।
श्रद्धालुओं के आने से स्थानीय दुकानदारों का कारोबार भी बढ़ा है। इससे कारोबारियों ने राहत की सांस ली है। मंदिर में श्रद्धालुओं की चहल-पहल को देखते हुए दुकानों को सैनिटाइज कर दिया है। हर तरफ साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। दुकानदारों को आस बंधी है कि अब व्यापार बढ़ेगा। वहीं श्री नयना देवी में बंद पड़ा रज्जू मार्ग भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खोल दिया गया है। श्रद्धालुओं को सरकार की ओर से जारी हिदायतों का पालन करना पड़ रहा है । 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों और 65 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों को मंदिर में नहीं आने की पहले ही गाइड लाइन जारी की जा चुकी है। श्रद्धालुओं का मंदिर में आने से पहले पंजीकरण हो रहा है। सैनिटाइज करके मंदिर के अंदर बिना प्रशाद और अन्य सामान के गोल दायरे के अंदर दूरी बनाकर दर्शन के लिए भेजा जा रहा है।
मंदिर में सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक दर्शन करवाए जा रहे हैं। दोपहर की आरती के समय पूरा मंदिर खाली करवाकर सैनिटाइज किया जा रहा है। मंदिर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पिछले नौ दिनों में न्यास को लगभग 5, 20, 723 रुपये चढ़ावे के प्राप्त हुए हैं।