फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस ने बंद की बागी बिनौला गोलीकांड केस की जांच

Thu, 23 Feb 2017 11:28 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
विज्ञापन
shooting - फोटो : demo pic
विज्ञापन
पिछले वर्ष बागी बिनौला में हुए हाईप्रोफाइल गोलीकांड केस की पुलिस ने जांच बंद कर दी है। मामले में पुख्ता साक्ष्य न मिलने की स्थिति में पुलिस ने इसकी क्लोजर रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट में पेश कर दी है।
विज्ञापन


मामला बिलासपुर और पंजाब के हाईप्रोफाइल लोगों से जुड़ा था। हालांकि पुलिस ने मामले की गहनता से छानबीन करते हुए गाड़ी के शीशे भी फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में जांच के लिए भेजे थे।

मगर इसमें भी गोली चलने की कोई पुष्टि नहीं हो पाई। इसके बाद पुलिस ने मामले में आगामी कार्रवाई अमल में लाई है। खबर की पुष्टि एसपी बिलासपुर राहुल नाथ ने की है। वर्ष 2016 के अगस्त महीने में बिलासपुर के बागी बिनौला में कुछ सैलानियों के साथ मारपीट और दूसरे पक्ष द्वारा गोलियां चलाने का मामला सामने आया था।
विज्ञापन


इसके बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने रात के समय बागी बिनौला में चक्का जाम तक कर दिया था। पुलिस ने मामले में 11 अगस्त 2016 को 7 लोगों के खिलाफ मारपीट करने के मामले में एफआईआर दर्ज की थी।

इसी दौरान दूसरे पक्ष ने भी शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनके ऊपर कुछ लोगों ने गोलियां चलाईं हैं। इसमें जिला के हाईप्रोफाइल लोगों के शामिल होने के आरोप लगाए गए थे।

एक युवक की शिकायत पर पुलिस ने आर्म्स एक्ट, भादंसं की धारा 307 और 34 के तहत 14 अगस्त को मामला दर्ज कायम किया था। दूसरे पक्ष का आरोप था कि उनकी गाड़ी का शीशा गोली लगने से टूटा था।

इसके बाद पुलिस ने दोनों ही मामलों  में केस दर्ज कर हर पहलू की गहनता से छानबीन की। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए लोगों के बयान दर्ज करने के बाद उक्त गाड़ी के शीशे के सैंपल भी जांच के लिए एफएसएल लेबोरेटरी को भेजे थे।

मगर यहां पर विशेषज्ञों की जांच में गोली चलने का कोई भी साक्ष्य नहीं मिला। वहीं अन्य सबूत भी मामले को सही ठहराने में सक्षम नहीं थे। इसको देखते हुए पुलिस ने मामले की क्लोजर रिपोर्ट बनाकर जांच को बंद कर दिया है। मामले की क्लोजर रिपोर्ट को अदालत के समक्ष पेश कर दिया है।

एसपी बिलासपुर राहुल नाथ ने बताया कि पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से छानबीन की है। मगर गोली चलने का कोई साक्ष्य नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट में भी गोली चलने की पुष्टि नहीं हो पाई हैं। इसके चलते मामले की क्लोजर रिपोर्ट बनाकर जांच बंद कर दी गई है। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें