बस सुविधा की मांग को लेकर रावमापा पंजगाईं के बच्चों ने चार घंटे से अधिक समय तक पंजगाईं चौक पर चक्का जाम किया। विद्यार्थियों का कहना है कि बस सुविधा के अभाव में उन्हें हर रोज 6 से 8 किमी का पैदल सफर तय करके स्कूल पहुंचना पड़ता है।
बच्चों का कहना है कि वह लंबे समय से प्रशासन ने बस सुविधा की मांग कर रहे है। लेकिन उनकी मांगों पर आज तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है। ऐसे में बच्चों के सब्र का बांध टूटा और उन्हें मजबूर होकर सड़कों पर उतरना पड़ा। बुधवार सुबह करीब दस बजे अचानक बच्चों ने पंजगाईं चौक पर सड़क के बीचोबीच बैठ गए और चक्का जाम कर दिया।
सुबह करीब 0 बजे से 2 बजे तक बच्चों यहां चक्का जाम किया। विद्यार्थियों का कहना है कि रावमापा पंजगाईं में दूरदराज के क्षेत्र से बच्चे शिक्षा ग्रहण करने लिए आते हैं। मगर बच्चों को स्कूल समयसारिणी के अनुसार बस की सुविधा नहीं मिल रही है। इस वजह से बच्चों को 6 से 8 घंटे तक पैदल सफर करके स्कूल पहुंचना पड़ता है जबकि इतना ही सफर घर पहुंचने के लिए भी करना पड़ता है।
सदर विधायक के समक्ष भी रख चुके हैं मांग
विद्यार्थियों ने बताया कि इससे पहले भी साईं डोभा, खारसी, द्रोबड़, सोलग और धार टटोह के लोग बच्चों के लिए स्कूल बस को लेकर सदर विधायक और संबंधित एचआरटीसी से कई बार बस सुविधा की मांग कर चुके है। लेकिन इसके बाद भी बच्चों की मांग पर कोई गौर नहीं किया गया। यहीं नहीं इससे पहले भी छात्र पंजगाईं में बस की मांग को लेकर चक्का जाम कर चुके है।
सौ बच्चे हर रोज पैदल पहुंचते हैं स्कूल
पंजगाई के दूर दराज के क्षेत्रों से हर रोज लगभग 100 के करीब बच्चे रोजाना पैदल सफर कर पढ़ाई करने के लिए रावमापा पंजगाईं पहुंचते हैं। जैसे ही चक्का जाम की बात उपायुक्त बिलासपुर मानसी सहाय ठाकुर को पता लगी उन्होंने बच्चों को मिलने के लिए उपायुक्त कार्यालय बुलाया। यहां बच्चों से मिलने के बाद उन्होंने उन्हें जल्द बस सुविधा दिलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद कहीं जाकर बच्चे मानें।