पंचायत डंगार के पूर्व प्रधान पर सरकारी पैसे के दुरुपयोग के आरोप के चलते 6 वर्षों तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई है। डंगार पंचायत के पूर्व प्रधान जगरनाथ पर लंबे समय से सरकारी धन का दुरुपयोग के आरोप लगे थे। इसकी जांच चल रही थी।
जिला उपायुक्त बिलासपुर ने जांच पूर्व प्रधान पर लगे आरोप सही पाए गए। इसके बाद पूर्व प्रधान पर कार्रवाई करते हुए 6 वर्षों तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
साथ ही तत्कालीन पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक के विरुद्ध भी नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई करने के आदेश जारी हुए हैं।
पूर्व पंचायत प्रधान पर चोखाना लिंक रोड़ से दख्यूत गुग्गा कार्य में धांधली, मैहरन पुखर कुआं स्लेव और स्नानागार के कार्य में अधिक व्यय कर राशि और यात्रा भत्ते में घपले के आरोप लगे थे।
उक्त प्रधान ने छुट्टियों वाले दिनों में भी यात्रा भत्ता दर्शाकर पैसे वसूल किए थे। गौर हो कि इन मामलों की जांच पहले ही पूरी हो चुकी थी और उक्त प्रधान को पहले ही निलंबित किया जा चुका था।
लेकिन प्रधान द्वारा फैसले के विरोध में माननीय न्यायालय मंडलायुक्त मंडी में अपील दायर की गई थी। यहां से इसकी जांच फिर से बिलासपुर उपायुक्त के पास भेजी गई थी।
मामले में उक्त प्रधान को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया था। मगर प्रधान कोई भी तथ्य अपने बचाव में उपलब्ध नहीं करवाया गया। इसके बाद जिला उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर ने इस संबंध में पूर्व प्रधान के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।
जिला पंचायत अधिकारी सतीश अग्रवाल ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में जिला उपायुक्त के फैसले की कापी मिल गई है।