ऋषिकेश के धराड़सानी क्षेत्र के नयनादेवी मंदिर के पुजारी की मौत के रहस्य से पर्दा उठ गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पुजारी के सिर पर जोरदार प्रहार करके मौत के घाट उतारा गया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुजारी के सिर पर गहरी चोट के निशान मिले हैं। लिहाजा, पुलिस ने सदर थाना में आईपीसी धारा 302 के तहत हत्या का मुकद्दमा दर्ज करते हुए जांच तेज कर दी है।
हालांकि, अभी तक मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। हालांकि पुलिस संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है। क्षेत्र में हुई इस वारदात से लोग खौफ में हैं।
गौरतलब है कि सोमवार शाम मृतक पुजारी बलदेव (70) निवासी लुधियाणा का शव धराड़सानी क्षेत्र में संदिग्ध अवस्था में बरामद किया गया था। सबसे पहले गांव के लोगों ने शव को देखा, जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेते कार्रवाई शुरू कर दी थी।
हालांकि शरीर पर गहरी चोटों के निशान नहीं थे। लेकिन, पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पुजारी की मौत सिर में गहरी चोट की वजह से हुई है।
पुलिस को शक है कि किसी ने पुजारी के सिर पर किसी चीज से प्रहार किया है। पुजारी बलदेव करीब तीन सालों से मंदिर में रह रहा था। डीएसपी सुरेंद्र शर्मा ने हत्या का मामला दर्ज होने की पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सिर में लगी चोट है। लिहाजा, हत्या का केस दर्ज करते हुए छानबीन शुरू कर दी गई है।