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आईटीआई में चीखने-चिल्लाने लगीं छात्राएं

Tue, 25 Apr 2017 11:22 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, स्वारघाट (बिलासपुर)।
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स्वारघाट आईटीआई में छात्राओं के चिल्लाने-चीखने के बाद लगा लोगों का हजूम। - फोटो : student
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स्वारघाट आईटीआई में छात्राओं की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला मंगलवार को जारी रहा। सुबह प्रार्थना सभा में मंगलवार को कुछ छात्राओं ने एक बार फिर से चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया।
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इसके बाद छात्राएं बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ी। इससे एक बार फिर आईटीआई में अफरातफरी मच गई। आईटीआई में सुबह-सुबह ही जोर-जोर से चीखने, चिल्लाने की आवाजें सुनकर मौके पर लोगों का हजूम इकट्ठा हो गया।

इसके बाद तहसीलदार जसपाल ने आईटीआई पहुंचे और प्रबंधन को तांत्रिक बुलाकर झाड़ फूंक करने पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने प्रबंधन से पूछा कि छात्राओं की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में क्यों नहीं ले जाया गया।
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उन्होंने इसके साथ ही संस्थान में झाड़ फूंक करवाने पर भी आपत्ति जाहिर की। पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में खौफ का माहौल है। पूरे मामले को देखते हुए ग्राम पंचायत कुटैहला के उपप्रधान बालकृष्ण ठाकुर दोपहर बाद आईटीआई प्रबंधन से मिले। उन्होंने भी आईटीआई प्रबंधन की इस गैर-जिम्मेदाराना कार्यवाही पर भी सवाल उठाए है।

उन्होंने कहा कि आईटीआई प्रबंधन छात्राओं की चिकित्सीय जांच न करवाकर भूत-प्रेतों के होने जैसे अंधविश्वास में फंसा हुआ है। ऐसे में अगर किसी छात्रा को कुछ हो जाता तो इसके लिए कौन जिम्मेवार होता?

घटना का पता चलते ही स्थानीय तहसीलदार स्वारघाट जसपाल ने भी आईटीआई का दौरा किया। उन्होंने आईटीआई के प्रधानाचार्य को सख्त हिदायत दी कि शैक्षणिक संस्थान में झाड़-फूंक करवाना गलत है।

प्रबंधन को चाहिए कि अंधविश्वास में न फंसकर पीड़ित छात्राओं को पहले स्वारघाट अस्पताल ले जाते और उनकी चिकित्सीय जांच करवाते। उन्होंने आईटीआई की छात्राओं को इस तरह के किसी भी अंध विश्वास में न आने की अपील की है।
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