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फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी को जुर्माना

Fri, 21 Oct 2016 10:46 PM IST
ब्यूरो/ बिलासपुर।
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फोरलेन निर्माण कार्य में लगी एक कंपनी पर वन विभाग की जमीन में मलबा डालने के मामले में कार्रवाई की गई है। कंपनी पर 20,050 रुपये जुर्माना लगाया गया है। इससे साफ हो गया है कि सड़क निर्माण के दौरान एनजीटी के आदेशों की अवहेलना हो रही है।

उल्लेखनीय है कि मैहला निवासी सीता राम पुत्र लौहका राम ने फोरलेन सड़क निर्माण कर रही आईएलएंडएफएस कंपनी के खिलाफ अवैध रूप से डंपिंग करने की शिकायत जिला प्रशासन और वन विभाग से की थी। वन विभाग को दी शिकायत में सीता राम ने डंपिंग में दबकर नष्ट हुए पौधों, घासनियों, रास्तों और निशानदेही की सत्यता को जानने का उल्लेख किया था।
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वहीं, फोरलेन विस्थापितों के हक के लिए लड़ रही फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी कि उक्त अवैध डंपिंग को लेकर प्रशासन ने क्या कार्रवाई की और निशानदेही को लेकर क्या मापदंड अपनाए गए?

वहीं, वन विभाग के डीएफओ सीबी ताशीलदार ने बताया कि सड़क निर्माण कर रही आईएलएंडएफएस कंपनी का कार्य पिछले ढाई महीने से बंद पड़ा है। जबकि, कंपनी के खिलाफ डैमेज रिपोर्ट 846-56 के तहत 20,050 जुर्माना वसूला जा चुका है।
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फिर उठाएंगे एनजीटी में मामला : मदन लाल  
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने बताया कि निशानदेही को लेकर संबंधित कानूनगो को जो कार्य सौंपा गया था, उसमें  भू-अधिनियम की धारा 107 का पूरी तरह से उल्लंघन किया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारियों का जवाब था कि शिकायतकर्ता को निशानदेही को लेकर भूमि की सीमा को इशारों से बताकर पुष्टि करवाई है, जोकि नियमानुसार गलत है। वहीं, कितने क्षेत्र में डंपिंग की गई है, कितने पौधों को नुकसान और सतलुज में जाने वाली मिट्टी की कोई जानकारी नहीं दी गई है। इसको लेकर समिति एनजीटी में केस करेगी।
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