डिग्री कॉलेज बिलासपुर में छात्रा के साथ छेड़छाड़ मामले को लेकर खूब हंगामा हुआ। पूरे मामले को लेकर एबीवीपी सहित अन्य छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर खूब नारेबाजी भी हुई। छात्र पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
तनावपूर्ण माहौल में छात्र संगठन ने कॉलेज में कक्षाओं का भी पूर्ण रूप से बहिष्कार किया। कॉलेज प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए दस दिवसीय कमेटी का गठन कर दिया है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शनिवार सुबह करीब 10 बजे से लेकर 11 बजे तक कॉलेज कैंपस में कॉलेज प्रशासन व संबंधित प्राध्यापक के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। कॉलेज प्रशासन से आरोपी प्राध्यापक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
एबीवीपी के हमीरपुर जिला विभाग संयोजक विनोद ठाकुर ने कॉलेज प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आरोपी प्राध्यापक के खिलाफ सख्त कार्रवाई न की गई तो एबीवीपी चुप नहीं बैठेगी और उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होगी। इसकी सारी जिम्मेवारी कॉलेज प्रशासन की होगी। वहीं एबीवीपी के नगर मंत्री आकाश चंदेल ने बताया कि इस विषय को लेकर कॉलेज के प्राचार्य से बात की गई।
उन्होंने बताया कि कॉलेज के प्राचार्य ने एबीवीपी को आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर सच्चाई को सामने लाया जाएगा। उधर, इस मामले के उजागर होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने दस सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी का अध्यक्ष कॉलेज की प्राध्यापिका प्रो. अरुणा भारद्वाज को बनाया गया है। जानकारी के अनुसार जांच कमेटी की शनिवार को लंबी बैठक हुई है।
इसमें हर पहलू पर विचार किया गया। जांच कमेटी पीड़ित छात्रा से भी बात करेगी और अन्य छात्राओं के बयान लेने के बाद संबंधित प्रवक्ता के बयान लिए जाएंगे। कॉलेज के कार्यवाह प्राचार्य प्रो. केएस कश्यप ने बताया कि जांच कमेटी गठित कर दी गई है और कमेटी मामले की जांच कर रही है।
जांच कमेटी पर उठाए सवाल
आरोपी प्रवक्ता ने यहां जारी किए गए बयान में कहा है कि जो लोग जांच कमेटी है वह लोग उसे फंसाने में लंबे समय से लगे हुए है। उन्होंने कहा कि अगर यह जांच कमेटी जांच करती है जो जांच सही नहीं होगी।
उन्होंने प्राचार्य से मांग की है या तो वह स्वयं मामले की जांच करें या फिर कमेटी में निष्पक्ष लोगों को शामिल किया जाए। क्योंहि जांच कमेटी में शामिल कुछ एक प्राध्यापकों ने ही उसे बदनाम करने की चाल चली है। इस मामले में कॉलेज की 30 छात्राओं ने प्राचार्य को प्रवक्ता के बारे में लिखित शिकायत दी थी। इसमें प्रवक्ता के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।
छात्रा बोली नहीं हुई छेड़छाड़
वहीं पीड़ित छात्रा अपने बयान से पलट गई है। छात्रा ने कहा कि उसके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। छात्रा ने बताया कि कुछ गलतफहमी के कारण कुछ लोग फायदा उठा रहे है।