बिलासपुर। परिवहन विभाग बिलासपुर ने बुधवार दोपहर बाद नियमों की अवहेलना पर स्कूली बसों सहित अन्य वाहनों के चालान किए हैं। विभाग की इस कार्रवाई से दिनभर शहर मेें हड़कंप मचा रहा। कई स्कूली वाहन तो बच्चों को बीच रास्ते में ही उतार कर यहां-वहां हो गए। जिनके चालान काटे गए हैं, उन्हें अब 16 अप्रैल को आरटीओ कार्यालय में चालान भुगतने के लिए आना होगा।
बिलासपुर के शहीद स्मारक के पास दोपहर तीन बजे के बाद आरटीओ विभाग ने अपना डेरा जमा लिया। हर आने-जाने वाले स्कूली वाहन की चेकिंग की जा रही थी। पांच स्कूली बसों के चालान काटे गए। इन बसों में बच्चे क्षमता से ज्यादा बच्चे थे। कई बसों में बच्चे बोंट पर बैठे हुए थे। आरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों ने मौके पर ही सभी बसों के चालान काटे। इसके अलावा एक वैन, एक टैंपो ट्रैवलर व एक टैक्सी नंबर वाहन का चालान काटा। जिन्हें 16 अप्रैल को आरटीओ कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि अमर उजाला ने 11 अप्रैल के अंक में स्कूली बसों में ओवरलोडिंग, हेल्पर नहीं से खबर प्रकाशित की थी। बुधवार को लापरवाह स्कूल बसों पर कार्रवाई की गई।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट के आदेशों पर की गई है। भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई विभाग की ओर से जारी रहेगी।
उपायुक्त बिलासपुर की ओर से भी जिला के सभी निजी स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं कि कोर्ट के आदेशों की अनुपालना की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर दें। अगर एक सप्ताह में रिपोर्ट नहीं दी जाएगी तो कार्रवाई होना तय है।
आरटीओ कार्यालय में अधीक्षक एवं क्षेत्रीय परिवहन का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे रमेश चंद ने बताया कि विभाग की ओर से इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सभी स्कूलों प्रबंधकों से भी कहा है कि वे तय मानकों के अनुसार ही बसों में बच्चों को बैठाएं, अन्यथा लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।