लड़की भगाने वालों पर कार्रवाई न होने से आक्रोशित लोगों ने जेठवारा-मोहनगंज मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस के समझाने पर भी लोग नहीं माने। लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने कुछ लोगों को थाने उठा ले गई। उनसे पूछताछ करने में पुलिस जुटी हुई है। मामला दो समुदाय का होने के कारण इलाके में तनातनी का माहौल कायम है। सीओ सदर ने 48 घंटे के भीतर लड़की को बरामद करने व आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। तब जाकर जाम समाप्त हुआ।
जेठवारा थाना क्षेत्र की एक लड़की को 5 अप्रैल 2018 को प्यारे का पुरवा का रहने वाला सगीर भगा ले गया। परिवार के लोग उसकी खोजबीन करने लगे, लेकिन पता पहीं चला। बाद में पिता ने पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने आरोपी सगीर व उसके पिता हबीब व बहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। बुधवार को लड़की की बरामदगी न होने व आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर आक्रोशित लोग परिजनों के साथ सड़क पर उतर पड़े। लोगों ने जेठवारा-मोहनगंज मार्ग के नौबस्ता के करीब जाम लगा दिया।
पुलिस के खिलाफ लोग नारेबाजी करने लगे। लोगों का आरोप था कि घटना के इतने दिन बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपी युवक को पनाह देने वाले खुलेआम घूम रहे हैं। लड़की आरोपी युवक के करीबियों के घर में छिपाकर रखी गई है। चूंकि मामला दो समुदायों से जुड़ा था। इसलिए सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। हालांकि पुलिस से लोगों की जमकर तकरार भी हुई। आक्रोशित लोग पुलिस की एक भी बात सुनने को तैयार नही थे।
हंगामे के बीच लोग आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे सीओ सदर आशुतोष त्रिपाठी ने सभी को भरोसा दिलाया कि 48 घंटे के भीतर आरोपी पकड़े जाएंगे। जिसके बाद लोग जाम समाप्त करने को राजी हुए। लड़की पक्ष के लोगों से जानकारी लेने के बाद पुलिस ने आरोपियों से जुड़े आधा दर्जन लोगों को थाने उठा ले गई। लोगों के घरों में घुसकर तलाशी भी ली लेकिन आरोपी व लड़की नहीं मिली। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से दोनों के बारे में पूछताछ कर रही है।
जाम से हलाकान हुए राहगीर
जेठवारा थाना क्षेत्र के नौबस्ता में जाम लगाने के चलते राहगीरों को हैरान होना पड़ा। वाहन में फंसे लोग घंटों खड़े रहे। इससे लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। दो घंटे बाद सीओ सदर आशुतोष त्रिपाठी के आश्वासन पर जाम समाप्त हो सका।