शाहतलाई में पूछताछ करती पुलिस।
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बाबा बालक नाथ की तपोभूमि शाहतलाई में पुलिस के हाथ नशे का बड़ा जखीरा लगा है। तलाई पुलिस ने एक छापे के दौरान मंदिर की दूसरी मंजिल में छिपाकर रखा करीब 77 किलो गांजा बरामद किया है। पुलिस ने मामले में मंदिर के दो संचालकों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस इस बात की छानबीन कर रही है कि आखिरकार इतने बड़े पैमाने पर गांजा कहां से लाया गया है। पुलिस ने मंदिर के संचालक दलजीत सिंह पुत्र ध्यान सिंह निवासी अमृतसर और बलदेव सिंह पुत्र गुमनाम सिंह निवासी नरंगपुर फगवाड़ा को गिरफ्तार किया है जिन्हें आज न्यायालय पेश करके पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी।
तलाई पुलिस को मंगलवार सुबह 11 बजे एक गुप्त सूचना मिली थी की बाबा की धार्मिक नगरी के मंदिर में संचालक साधुओं ने भांग के फूल और पत्तियां बड़े पैमाने पर छुपाकर कर रखी है।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ठाकुर कर्म सिंह की अगुवाई में एएसआई जगदीश चंद, आरक्षी अरुणा कुमारी, प्रवीण कुमार, मुकेश कुमार, अंकुर कुमार, रतन लाल और होमगार्ड कुनाल चंद ने टीम के साथ छापा मारा तो मंदिर की दूसरी मंजिल पर एक बोरी में भांग के पत्ते और खुली हुई भांग पुलिस के हाथ लगी।
जब पुलिस ने गहनता से छानबीन की वहां रखी अनाज की टंकियों को खोल कर देखा तो पुलिस दंग रह गई कि अनाज की जगह टंकियों में भांग भर रखी है। पुलिस ने मंदिर के दोनों संचालकों के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके गांजे को कब्जे में लेकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी बिलासपुर राहुल नाथ ने बताया कि जिला को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस द्वारा छेड़े गए अभियान में तलाई पुलिस के हाथ नशे की खेप लगी है। उन्होंने बताया कि तलाई पुलिस ने मंदिर की दूसरी मंजिल में अनाज की टंकियों में भांग की पत्तियां और फूल बरामद की है।