घर की निशानदेही न मिलने पर पत्नी सहित आमरण अनशन पर बैठा देवराज
पिछले सात सालों से विभाग से कर रहा निशानदेही के लिए आवेदन, परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं क्षेत्र की बम्म पंचायत के अंतर्गत आने वाले कोटलू गांव के देवराज (46) पुत्र उद्दो राम ने प्रशासन के रवैये से परेशान होकर आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय लिया है। देवराज का कहना है कि वह प्राइवेट नौकरी कर अपनी बेटी और पत्नी के साथ रहते हैं। उनके द्वारा बनाया गया पुराना मकान गिरने की कगार पर है तथा नया मकान नंबर खसरा 280/42 गांव कोटलू में बनाया गया है जिस पर पड़ोसी उसके मकान के एक कमरे व उत्तरी दिशा की दीवार को अपनी मलकीयत भूमि पर होने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने उसके मकान में खिड़कियां तक लगने नहीं दी है।
पीड़ित देवराज का कहना है कि इसके लिए वह मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इस झगड़े को खत्म करने के लिए निशानदेही के लिए आवेदन किया था परंतु पिछले सात सालों से उपरोक्त लोग विभाग से मिले हुए हैं और निशानदेही नहीं दे रहे हैं। विभाग द्वारा निशानदेही ना देने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश का सारा पानी घर के अंदर आ रहा है तथा बरसात के इन दिनों में खिड़कियां ना होने की वजह से मच्छर और सभी तरह के कीड़े मकोड़े घर के अंदर आ रहे हैं। अपने ही घर में रहना मुश्किल हो गया है।
देवराज शनिवार से अपनी पत्नी सहित ग्राम पंचायत बम्म उप तहसील भराड़ी के प्रांगण में आमरण अनशन पर बैठे गए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि इस दौरान उनकी पत्नि, बेटी व किसी भी परिवार के सदस्य की मौत हो जाए तो इसके लिए जिला प्रशासन व हिमाचल प्रदेश सरकार जिम्मेवार होगी। इसको लेकर मुख्यमंत्री को डाक सहित प्रतिलिपि भेजी है।
उप तहसील भराड़ी कार्यालय कानूनगो हेमराज का कहना है कि नायब तहसीलदार भराड़ी का पद पिछले काफी दिनों से रिक्त होने की वजह से आमरण अनशन का पत्र उन्हें सौंपा गया है। पिछले काफी दिनों से काम का चार्ज घुमारवीं तहसीलदार द्वारा देखा जा रहा है।
वहीं, बम्म पंचायत प्रधान अंजना कुमारी का कहना है कि दोनों परिवारों के झगड़े को लेकर आज तक पंचायत में किसी भी तरह का कोई शिकायत पत्र नहीं आया है तथा बम्म पंचायत के आंगन में आमरण-अनशन पर बैठने की बात को पूरी तरह नकारा गया है। पंचायत स्तर पर इसके लिए मंजूरी नहीं दी गई है।
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...संजय शर्मा।