अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। छह साल की बच्ची का यौन शोषण करने के मामले में एक आरोपी को विशेष न्यायाधीश एवं सत्र न्यायाधीश जिला बिलासपुर की अदालत ने दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा पांच हजार जुर्माने की भी सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
17 जनवरी, 2017 को पीड़ित बच्चे की मां ने थाना बिलासपुर में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसी दिन करीब 3 बजे आरोपी राहुल संधु ने स्थान जंगल सुंगल में पीड़ित का यौन शोषण किया जबकि पीड़ित की उम्र छह वर्ष थी। थाना सदर बिलासपुर की उपनिरीक्षक मीना ठाकुर ने इस मुकद्दमे की तफ्तीश अम्ल में लाई और उपरोक्त अदालत में आरोप पत्र दायर किया। अदालत में मामले की पैरवी उस वक्त के लोक अभियोजक संदीप अत्री द्वारा की गई और मुकद्दमे को उपरोक्त मुकाम तक पहुंचाया।
लोक अभियोजक उपजिला न्यायवादी उमेश शर्मा ने बताया कि विशेष न्यायाधीश एवं सत्र न्यायाधीश जिला बिलासपुर की अदालत ने राहुल संघु उर्फ अनु को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट (पीओसीएसओ) 2012 की धारा 6 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा का पात्र ठहराया है। इस तरह उसे धारा 377 आईपीसी के तहत 3 वर्ष का साधारण कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माना और धारा 6 पीओसीएसओ एक्ट के तहत 10 साल का कठोर कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजाएं सुनाई है। दोनो सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने की सुरत में दोषी को 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।