अमर उजाला ब्यूरो
झंडूता (बिलासपुर)।
झंडूता उपमंडल की ग्राम पंचायत रोहल के नारल गांव की 13 साल की बच्ची की गोबिंदसागर झील में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई है। हादसा उस समय हुआ जब वह झील से पानी भर रही थी। इसी दौरान बच्ची का पांव फिसल गया और इससे वह झील में डूब गई। बच्ची का शव झील से बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। इसके साथ ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार झंडूता उपमंडल की ग्राम पंचायत रोहल के नारल गांव की 13 साल की बच्ची पायल पुत्री राजकुमार रविवार सुबह करीब आठ बजे गोबिंदसागर झील से पानी लाने के लिए गई थी। जब वह काफी समय तक घर नहीं लौटी तो परिवार वालों को चिंता सताने लगी। इसके बाद वह बच्ची की तलाश के लिए झील के पास पहुंचे। यहां पानी भरने वाली जगह पर बच्ची की चप्पले और बर्तन मिला। इससे परिजनों को शक हुआ की कहीं बच्ची झील में तो नहीं गिर गई। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने गोबिंदसागर झील में बच्ची की तलाश शुरू की। इसी दौरान किसी ने पुलिस को फोन पर मामले की सूचना दी। इसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार रामेश्वर गौतम भी घटना स्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बच्ची के शव को डूबने वाली जगह पर तीन घंटों की मशक्कत के बाद निकाल लिया। इसके बाद उसे फौरन अस्पताल पहुंचाया गया। मगर डॉक्टरों ने यहां बच्ची को मृत घोषित कर दिया था। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। तहसीलदार रामेशवर गौतम ने पीड़ित परिवार को 20 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की है। उन्होंने बताया कि हल्का पटवारी को शीघ्र रिपोर्ट तैयार कर कार्यालय को देने को कहा है।
आए दिन हो रहे दर्दनाक हादसे
गोबिंद साग झील में गिरने से आए दिन ऐसे दर्दनाक हादसे हो रहे हैं, उसमें प्रशासन की भी लापरवाही सामने आ रही है। आज कल गोबिंदसागर झील का जलस्तर बढ़ने से पानी स्तर बढ़ गया है। इससे झील किनारे टहलने और पानी भरने वाले लोग इसमें गिरकर अपनी जान गंवा रहे हैं। लापरवाही का आलम यह है कि झील किनारे प्रशासन ने किसी भी प्रकार के चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। इससे प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली भी सामने आ रही है। इसके साथ ही झील किनारे किसी तरह की कोई गश्त भी नहीं लगाई जाती है। अकसर स्कूली बच्चें भी झील में स्कूल समय में तैरते हुए देखे जा सकते हैं। इससे उनकी जान हमेशा खतरे में रहती है।