फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसबीआई बैंक को उपभोक्ता फोरम ने लगाया जुर्माना

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

घुमारवीं (बिलासपुर)। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार तथा सदस्य मनोरमा चौहान और पवन कुमार ने एक शिकायत का निपटारा करते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा कंदरौर को शिकायतकर्ता के खाते से गलत ढंग से काटी गई राशि शिकायतकर्ता को लौटाने तथा शिकायतकर्ता को 2 हजार रुपये मुआवजा और 4 हजार रुपये शिकायत का खर्च देने के भी निर्देश दिए।
शिकायतकर्ता विनय कुमार पुत्र अच्छर राम निवासी आवारी डाकघर भगेड़ तहसील घुमारवीं ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी कि एसबीआई बैंक ने उसके लिमिट लोन खाते से 12 हजार 900 रुपये गलत ढंग से काट लिए। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसके भतीजे नवीन कुमार पुत्र सतपाल ने दीवानी अदालत में शिकायतकर्ता तथा बैंक के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि बैंक द्वारा मुकदमे की पैरवी के लिए अदालत में अपना वकील मुकर्रर किया था। आरोप था कि बैंक ने अपने वकील की फीस की अदायगी 12 हजार 900 रुपये अदा की, लेकिन बैंक ने शिकायतकर्ता से गलत तरीके से उसके खाते से उक्त राशि काट ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

बैंक का फोरम के समक्ष यह तर्क था कि बैंक ने शिकायतकर्ता के खाता से ही यह राशि काटनी थी। उपभोक्ता फोरम ने अपने निर्णय में कहा कि जो दीवानी दावा अदालत में दायर किया गया था वह दावा शिकायतकर्ता ने अदालत में दायर नहीं किया था। फोरम का कहना था कि यह दीवानी दावा शिकायतकर्ता के भतीजे द्वारा अदालत में दायर किया गया था और शिकायतकर्ता विनय कुमार उस दीवानी दावा में बतौर प्रतिवादी पेश हुआ था। फोरम का यह भी कहना था कि बैंक भी उस दीवानी दावा में प्रतिवादी के रूप में ही पेश हुआ था। फोरम ने अपने आदेश में कहा कि यदि शिकायतकर्ता ने उक्त दीवानी दावा अदालत में दायर किया होता तो उस स्थिति में बैंक शिकायतकर्ता के खाते से पैसे काट सकता था लेकिन जब दावा नवीन कुमार ने अदालत में दायर किया तो इस स्थिति में बैंक शाखा ने शिकायतकर्ता के खाते से गलत ढंग से पैसे काट लिए। फोरम ने अपना निर्णय सुनाते हुए कहा कि बैंक शिकायतकर्ता को 12 हजार 900 रुपये वापस लौटाए। फोरम ने यह भी व्यवस्था दी कि 20 मार्च 2015 से बैंक शिकायतकर्ता को इस राशि पर 9 प्रतिशत ब्याज भी अदा करेगा। फोरम ने अपने निर्णय में यह भी कहा कि बैंक शिकायतकर्ता को दो हजार रुपये दंडात्मक मुआवजे तथा चार हजार रुपये शिकायत के खर्च के रुप भी अदा करने का आदेश दिया।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें