बिलासपुर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश चौधरी की अदालत ने एक अहम मुकदमे में फैसला सुनाते हुए दोषी को 3 साल की जेल और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसमें 25 हजार रुपये मृतक की माता को देना पड़ेगा। जुर्माना न देने की सूरत में 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। यह सजा धारा 304 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत दी गई और 6 महीने की सजा धारा 25 आर्म्ज एक्ट के अंतर्गत सुनाई गई। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
मामले की जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने बताया कि 7 जनवरी 2018 को प्रकाश चंद पुत्र संतराम भटेड़ पुलिस थाना स्वारघाट जिला बिलासपुर हिमाचल प्रदेश ने एफआईआर दर्ज करवाई कि 6 जनवरी 2018 को वह रात्रि खाना खाकर टीवी देख रहा था। इसी दौरान 9:30 बजे के करीब रात को बंदूक के फायर की आवाज सुनी तो ऐसा लगा कि किसी ने जंगली जानवर के ऊपर फायर किया होगा तथा टीवी देखने के बाद वह उसका परिवार सो गया।
जब करीब सुबह 7 बजे 7 जनवरी 2018 को उठा तो उसने अपने घर का मुख्य गेट खोला तो देखा कि रास्ते में खून पड़ा है। वह सड़क पार करके रास्ते में गया तो देखा कि दीपक कुमार पुत्र बाबूराम रास्ते में मृत पड़ा था। इसके बाएं कूल्हे पर छेद पड़ा था तथा काफी खून बह रहा था। प्रकाश चंद ने ग्राम पंचायत प्रधान रूपलाल व मृतक के चाचा पुरुषोत्तम को फोन पर सूचित किया जिससे मौके पर काफी लोग इकट्ठे हो गए। पुलिस को सूचित किया गया। यह तथ्य भी एफआईआर में आया कि दोषी बलदेव पुत्र गरदावर सिंह गांव टाली चामा स्वारघाट बंदूक लेकर गांव भटेड़ में घूम रहा था।
मौके पर बड़े साक्ष्य साइंटिफिक विशेषज्ञ द्वारा इकट्ठे किए गए। दोषी के खिलाफ अन्य साक्ष्य मिलने पर चालान तैयार किया गया जो जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया। इस केस में अभियोजन पक्ष ने 18 गवाहों की दलील पेश की। उनकी गवाही को सही ठहराते हुए जिला सत्र न्यायाधीश ने धारा 304 पार्ट 2 गैर इरादतन हत्या का दोषी बलदेव सिंह को करार दिया।
इस मुकदमे की छानबीन उप निरीक्षक राजेश पराशर ने की और इस केस की पैरवी जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज, जिला न्यायवादी संदीप अत्री, उप जिला न्यायवादी उमेश शर्मा ने की।