बरमाणा (बिलासपुर)। नम्होल के काहुवी छेता गांव के एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी की निर्ममता से हत्या करने के बाद चार मासूमों के सिर पर से माता और पिता का साया उठ गया है। आरोपी व्यक्ति की बूढ़ी मां पर चार बच्चों के परवरिश की जिम्मेदारी आ गई है। सभी बच्चे 14 साल से कम उम्र के हैं, जबकि सबसे बड़ी बेटी की शादी अभी हाल ही में आठ मार्च को हुई थी। ऐसे में बच्चों और उनकी बूढ़ी दादी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रविवार को एक और महिला घरेलू हिंसा का शिकार हो गई।
घर में अब कोई भी कमाने वाला नहीं बचा है। दिहाड़ी लगाकर बच्चों को पालने वाला आरोपी जगदीश कुमार (47) पुत्र गुलाबाराम गांव काहुवी छेता, डाकघर नम्होल अपनी पत्नी के हत्या के मामले में पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि उसकी पत्नी सोमा देवी (45) दुनिया को छोड़ चुकी है। सोमा भी दुध बेच कर घर को चलाने में अपने पति की मदद करती थी लेकिन रविवार का दिन बच्चों व उनकी बूढ़ी दादी के लिए कभी न भूलने वाला गम दे गया। उस 14 साल की बच्ची पर भी क्या गुजर रही होगी जिसने अपनी आंखों के सामने अपने पिता को अपनी मां को मारतेे हुए देखा। सबसे छोटा पांच साल का लड़का तो सबसे यही पूछता रहा कि उसकी मां कहां है।
जबकि दो अन्य लड़कियां जो कि 9 व 12 साल की हैं उन्हें भी कुछ समझ नहीं आ रहा है कि यह क्या हो गया। आम तौर पर रोजाना सभी घर पर ही रहते थे लेकिन वह अपने रिश्तेदारों के यहां गांव में गए हुए थे। कुछ ही देर के भीतर आरोपी जगदीश ने तैश में आकर अपनी पत्नि को मौत के घाट उतार दिया। वहीं ग्रामीण भी यह नहीं समझ पा रहे हैं कि ऐसी क्या नौबत आ गई कि उसने अपनी पत्नी को सिर पर चार से पांच प्रहार कर क्यों मौत के घाट उतार दिया। जबकि इससे पहले भी उनके घर में मारपीट की वारदात घटित होती रहती थी लेकिन इस वारदात से यह तो साफ हो गया कि एक और महिला घरेलू हिंसा का शिकार हो गई।