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भराड़ी में अध्यापिका ने लगाया फंदा, मौत

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अमर उजाला ब्यूरो
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भराड़ी (बिलासपुर)।
भराड़ी में रहने वाली 54 वर्षीय अध्यापिका ने बुधवार सुबह फंदा लगाकर इहलीला समाप्त कर ली। सुबह महिला के बेटों ने बरामदे में महिला को रस्सी से लटके देखा। हालांकि बेटों ने महिला को रस्सी से उतार कर फौरन अस्पताल पहुंचाया, मगर यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी गई। बताया जा रहा है वह काफी से समय बीमार चल रही थी और उनका पीजीआई में इलाज चल रहा था। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। अमरी देवी के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। इसके बाद महिला का दाह संस्कार कर दिया गया।
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जानकारी के अनुसार भराड़ी स्कूल में कला अध्यापक के रूप में कार्यरत अमरी देवी भराड़ी कस्बे में किराये के मकान में दो बेटों के साथ रहती थी। बीती शाम को अमरी देवी का छोटा बेटा शुभम भी उनके साथ सोया था जबकि बड़ा बेटा दूसरे कमरे सो रहा था। बेटों ने बताया कि सुबह करीब 6 बजे जब वह उठे तो देखा कि उनकी मां बरामदे में रस्सी से लटकी थी। उन्होंने बिना देर किए मां को नीचे उतारा। इसके बाद आसपड़ोस के लोगों की मदद से उन्हें भराड़ी अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अमरी देवी पिछले कई वर्षों से सीनियर सेकेंडरी स्कूल भराड़ी में कला अध्यापिका के तौर पर कार्यरत थीं। अमरी के घर जरोड़ा गांव में हैं। भराड़ी स्कूल में कार्यरत होने के कारण उन्होंने यहां पर ही किराये का मकान लिया था। जहां पर वह अपने दोनों बेटों के साथ रहती थी। उनका पति लोक निर्माण विभाग में कार्यरत है। शिक्षिका की यकायक मौत की खबर से क्षेत्र में मातम छा गया है। स्कूल में अध्यापकों सहित बच्चे भी उनकी मौत से शोकाकुल हैं। बुधवार को उनके घर जरोड़ा के नजदीक रोहल खड्ड के किनारे दाह संस्कार किया गया। एसपी बिलासपुर अंजुम आरा ने बताया कि मामला दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले की छानबीन जारी है।
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