राजीव कश्यप
बिलासपुर।
सरकार केे तमाम तामझाम के बाद भी वीवीआईपी कल्चर थमने का नाम नहीं ले रहा है। केंद्र सरकार के आदेशों के बाद भी नेताओं से बत्ती का मोह नहीं छूट रहा है। हालत ऐसी है कि लोग बत्तियों का इस्तेमाल करने वाले नेता पुलिस अधिकारियों को भी धमकाने से बाज नहीं आ रहे हैं। शुक्रवार सुबह हरियाणा नंबर की तीन गाड़ियां एस्कॉर्ट, पायलट की गाड़ी सहित एक पार्टी के नेता की गाड़ी मनाली की ओर जा रही थी। इस दौरान गाड़ी में झंडी के साथ-साथ लाल बत्ती लगी हुई थी। यातायात पुलिस ने कॉलेज चौक के पास तीनों गाड़ियों को रोका तो गाड़ी में सवार नेताजी मंत्रालय की धौंस दिखाते हुए पुलिस अधिकारी से उलझ पड़ा। यहां तक कहा कि मेरी पहुंच दिल्ली तक है। मगर ड्यूटी पर तैनात यातायात प्रभारी नंदलाल कटारिया ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें गाड़ियों से बत्तियां, पार्टी के झंडे उतारने की बात कही। मगर गाड़ी में सवार रसूखदार उनकी एक भी बात मानने को तैयार नहीं था। इस दौरान वह उल्टा पुलिस अधिकारी को धमकाते रहे। इसके बाद पुलिस ने तीनों गाड़ियों से लाल बत्तियों और झंडों को उतारकर भीतर रखवाया। इसके साथ ही आगे से ऐसा न करने की हिदायत भी दी। यातायात प्रभारी नंदलाल कटारिया ने बताया कि सरकार के आदेशों के अनुसार बत्ती और पार्टी के झंडों का प्रयोग करने पर रोक है। मगर इसके बाद भी एक नेता का काफिला नियमों को ताक में रखकर कुल्लू की ओर जा रहा था। इस पर कार्रवाई करते हुए बत्ती और झंडे उतारकर नेता और चालकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।