बिलासपुर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नदियों के 100 मीटर के दायरे में लगे क्रशरों को बंद करने के आदेशों को लेकर बिलासपुर में खनन विभाग ने चार क्रशर चिन्हित किए हैं। इन क्रशरों के निरीक्षण के लिए जल्द ही टीम गठित होगी जिसमें उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व राजस्व विभाग के अधिकारी होंगे, जो मौके पर जाकर जांच करेंगे। इसके बाद आगामी कार्रवाई के लिए एनजीटी को भेजा जाएगा।
इससे पहले प्रदूषण बोर्ड को एक रिपोर्ट भी एनजीटी को भेजनी होगी जिसमें 100 मीटर के दायरे में आने वाले क्रशरों की जानकारी दी जाएगी। इसमें बताया जाएगा कि कौन सा क्रशर नदी के कितने दायरे के अंदर आ रहा है, इससे प्रदूषण का स्तर कितना बढ़ा है। नदियों में पानी का स्तर क्रशर की वजह से कम हुआ है या नहीं, आसपास की वन भूमि को नुकसान तो नहीं पहुंचा है। क्रशर के लगने से आजतक आसपास प्रदूषण कितना बढ़ा है। आने वाले समय में इस क्रशर के यहां पर लगे रहने से नदी, नालों पर कितना असर होगा। पानी का लेवल कितना कम होगा। वहीं क्रशर कितने दूर होने चाहिए, ऐसे बिंदुओं पर रिपोर्ट एनजीटी को दी जाएगी।
गौरतलब है कि जिला के विभिन्न स्थानों पर यह क्रशर चिन्हित किए गए हैं। अभी तक विभाग ने इनकी जानकारी साझा नहीं की है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि संयुक्त टीम के निरीक्षण के बाद इन क्रशरों के बारे में बताया जाएगा लेकिन चार क्रशर ऐसे हैं जो नदी, नालों के नजदीक हैं। अब पैमाइश के बाद ही इनका पता चल पाएगा की यह एनजीटी के मानकों को पूरा करते हैं या नहीं।
जिला खनन अधिकारी बिंदिया ने बताया कि एनजीटी के आदेशों के बाद जिला में चार क्रशरों को चिन्हित किया गया है। जल्द ही इन क्रशरों का निरीक्षण एक संयुक्त टीमें करेगी जिसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।