बिलासपुर। रावमापा पंजगाईं की जमीन के दोबारा सीमांकन को लेकर राजस्व विभाग ढील मूल रवैया अपना रहा है जिसके कारण स्कूल एसएमसी प्रबंधन और पंजगाईं ग्राम पंचायत प्रधान और जनता में खासा रोष है। उक्त लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इस जमीन की सही निशानदेही देकर जिला प्रशासन इस पर से अवैध कब्जों को हटाए।
उल्लेखनीय है कि रावमापा पंजगाईं स्कूल की जमीन का विवाद पिछले लगभग 40 वर्षों से चला आ रहा है जिस पर कुछ लोगों ने जबरन अवैध कब्जे भी किए हैं। वहीं जमीन के एक हिस्से पर अवैध निर्माण भी हुआ है। बताते चलें कि पंजगाईं में स्कूल के नाम लगभग 26 बीघा जमीन है लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने इसके एक हिस्से पर अवैध कब्जा कर रखा है।
वहीं राजस्व विभाग ने बीते वर्ष इसकी निशानदेही भी की थी लेकिन स्कूल एसएमसी प्रबंधन ने उच्च न्यायालय में केस डाला था कि वो इससे संतुष्ट नहीं है और इस जमीन की वापस निशानदेही की जाए। वहीं पंजगाईं ग्राम पंचायत प्रधान और एसएमसी में इस मुद्दे को पंजगाईं जनमंच में भी उठाया था जहां पर विभागीय अधिकारियों को आदेश दिए गए थे कि इस जमीन का दोबारा से सीमांकन किया जाए लेकिन विभाग ने इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
ग्राम पंचायत प्रधान पंजगाईं सुशील शर्मा और स्कूल एसएमसी प्रधान छोटा राम का कहना है कि वो विभाग के इस ढीले रवैये से खफा हैं। अगर जल्द ही जमीन का सीमांकन कार्य पूरा हो जाए तो वह स्कूल की जमीन पर चारदीवारी लगाकर इसे बंद कर सकते हैं। वहीं स्कूल के बच्चों के लिए खेल मैदान भी सुरक्षित हो जाएगा। कहा कि स्कूल के बच्चे खेल के मैदान में खेलने जाते हैं लेकिन ड्रग माफिया के डर से उन्हें वहां अकेला नहीं छोड़ा जा सकता क्योंकि इस मैदान में कहीं से भी कोई भी अंदर घुस सकता है। इन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस कार्य को जल्द पूरा किया जाए।