बिलासपुर। एसीसी खनन क्षेत्र में अचानक से बड़ी मात्रा में पानी निकल आया है। उसी क्षेत्र के लगभग 50 और 100 मीटर पर दो गांव कुनणु और धौण कोठी हैं। लोगों का मानना है कि इस पहाड़ी के बिल्कुल पीछे कोलबांध झील है और कंपनी की ओर से जो खनन किया जा रहा है वो झील के स्तर पर पहुंच गया है जिससे झील का पानी पहाड़ी के दूसरी तरफ आ रहा है। लोग जहां इससे सहमे है वहीं इन्हें इसके सकारात्मक परिणाम भी दिख रहे हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत पंजगाईं के कुनणु गांव के ठीक लगभग 50 मीटर दूरी पर एसीसी कंपनी के खनन क्षेत्र में अचानक से नीले रंग का पानी जमा होना शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि 10 दिन पहले तक तो यह पानी नाम मात्र ही था लेकिन अब आयेदिन इसकी मात्रा बढ़ रही है। वहीं लोगों में इसको लेकर डर पैदा हो गया है।
उनका कहना है कि इस पहाड़ी के बिल्कुल पीछे कोलबांध की झील है। पानी का रंग नीला है जो कि कोलबांध के पानी की तरह ही है। पहाड़ी के दूसरी तरफ कंपनी के खनन का स्तर झील के स्तर पर पहुंच चुका है। लोगों का मानना है कि झील का ही पानी है जो खनन क्षेत्र में निकल रहा है। वहीं अगर उसकी समय से जांच नहीं हुई तो कहीं यह बड़े हादसे का कारण न बन जाए। लोगों ने जिला प्रशासन से भी इसकी तकनीकी जांच की मांग की है।
बीडीसी भुवनेश गौतम, वार्ड सदस्य सुनील गौतम, महिला मंडल प्रधान विमला गौतम, अंकुश गौतम, पुष्पा गौतम, गंभरी देवी, गीता देवी, अंबरी देवी, मोहित गौतम, आशीष गौतम, विवेक गौतम, वरुण गौतम, करुण गौतम, शिव गौतम, भरत भूषण गौतम सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह पानी कोलबांध झील का है तो इसका पहाड़ी के दूसरी तरफ निकलने से किसी बड़े खतरे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। वो जल्द ही इससे जिला उपायुक्त को अवगत करवाएंगे और इसकी जांच की मांग करेंगे।
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पानी के हो सकते हैं फायदे भी
लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले की जांच करवानी चाहिए। अगर इससे लोगों को कोई नुकसान होने की संभावना है या इस जल स्तर की और ज्यादा बढ़ने की संभावना हो तो इसका समय से समाधान करना होगा। अगर इससे कोई नुकसान न हो तो उक्त स्थान पर पानी का भंडारण कर लोगों को सिंचाई के लिए इस पानी को देना चाहिए ताकि इसका लाभ ग्रामीणों को मिल सके।