बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश सरकार के आज्ञा की अवहेलना की जा रही है। प्रदेश में लगता है कि सरकार नाम की कोई चीज बची ही नहीं है। इसका जीता जागता उदाहरण अभी पेश हुआ है। जबकि पूरे प्रदेश को पता है कि यह समय वार्षिक परीक्षाओं का हैं लेकिन अभी भी वार्षिकोत्सव हर पाठशाला में मनाए जा रहे हैं। जबकि यह समय प्रदेश के स्कूलों में बच्चों व अभिभावकों के लिए पढ़ाई के हिसाब से कड़ी मेहनत करने और करवाने का होता है लेकिन स्कूलों में प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक व भाजपा नेता स्कूलों में अपनी धौंस दिखाने और अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के इन पढ़ाई के दिनों में वार्षिकोेत्सवों का सहारा ले रहे हैं।
श्रीनयना देवी विस क्षेत्र के विधायक और कांग्रेस नेता रामलाल ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार के शिक्षा सचिव 29 जनवरी के बाद किसी भी स्कूल में वार्षिकोत्सव न मनाने की अधिसूचना निकालते हैं। इस अधिसूचना की प्रतिलिपियां निदेशक शिक्षा विभाग और उप निदेशकों को भेजी जा चुकी हैं और उसके विपरीत स्कूलों में इन वार्षिक परीक्षाओं के दिनों में भी वार्षिकोत्सव मनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अधिसूचना 29 जनवरी को प्रदेश के शिक्षा सचिव निकालते हैं। उसके बावजूद भी 30 जनवरी को राजकीय वरिष्ठ पाठशाला रघुनाथपुरा में वार्षिकोत्सव मनाया जाता है जिसमें सदर विधायक बिलासपुर मुख्य अतिथि के रूप में अपनी राजनीति चमकाते हैं, इतना ही नहीं 31 जनवरी को राजकीय वरिष्ठ पाठशाला छड़ोल में भी वार्षिकोत्सव का आयोजन किया जा रहा है जिसमें मुख्य अतिथि प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता रणधीर शर्मा हैं तो यह समझ नहीं आ रहा जब प्रदेश सरकार इस तरह की अधिसूचना जारी करती है तो क्यों वार्षिकोत्सव इस तरह इन पढ़ाई के दिनों में मनाए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि इस बारे में प्रदेश के शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव व शिक्षा विभाग के निदेशक व उपनिदेशकों को कड़ा संज्ञा लेना चाहिए।