बिलासपुर। करोड़ों रुपयों के ढांचों (स्ट्रक्चरस) का आवंटन मामले को लेकर सामाजिक विकास अधिकारी कार्यालय, प्रमुख अभियंता हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग शिमला ने परियोजना निदेशक एनएचएआई मंडी और भू-अर्जन अधिकारी बिलासपुर को फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के शिकायत पत्र पर उपरोक्त अधिकारियों को जांच के आदेश दिए हैं। वहीं आदेश दिए हैं कि जांच पूरी कर तत्काल उनके कार्यालय को सूचना दी जाए ताकि आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा सके। इस आदेश के बाद वहीं इस संबंध में भू-अर्जन अधिकारी से सारे अवैध आवंटन की जांच के आदेश दिए हैं।
उक्त कार्यालय ने इस संबंध में क्षेत्रिय कार्यालय एनएचएआई शिमला, डीसी बिलासपुर व फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति को पत्र के माध्यम से सूचित किया है। उल्लेखनीय है कि कीरतपुर नेरचौक फोरलेन निर्माण में किए गए भूमि अधिग्रहण में भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई मुख्यालय बिलासपुर ने अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए पहले इस सड़क रूट को बदला और जो मकान रोड अलाइनमेंट प्लान में आए उनका करोड़ों रुपयों का आवंटन कर दिया लेकिन उसके बाद रोड अलाइनमेंट को बदल कर रोड कहीं और जगह से निकाल दिया। आज करीब 50 स्ट्रक्चरस ऐसे हैं जिनका करोड़ों रुपयों का आवंटन तो हो गया लेकिन मौके पर सभी स्ट्रक्चरस सुरक्षित हैं।
इससे एनएचएआई तथा भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई मुख्यालय बिलासपुर ने करोड़ों रुपयों का चूना सरकार के खजाने को लगाया। इसके साथ ऐसे भी स्ट्रक्चरस हैं जो रोड की अलाइनमेंट में आए ही नहीं लेकिन उनका भी करोड़ों रुपयों का आवंटन कर दिया।